लावारिस बच्चों को सरकारी संरक्षण दिलाने वाले गैर सरकारी संगठन चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक प्रकाशचंद्र तिवारी (35) ने शुक्रवार रात को दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी।
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चारबाग स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे एक युवक को झांसा देकर अपने दफ्तर ले गया और उसके साथ कुकर्म किया।
पीड़ित ने शनिवार सुबह सुल्तानगंज पुलिस चौकी पहुंचकर आपबीती सुनाई। इसके बाद हजरतगंज पुलिस ने जिला समन्वयक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल यादव के मुताबिक, मूलरूप से बहराइच के 20 वर्षीय एक युवक को परीक्षा के लिए लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से शुक्रवार की रात इलाहाबाद जाना था।
बछरावां में ट्रेन दुर्घटना की वजह से उसकी ट्रेन छह घंटे लेट थी। वह स्टेशन पर चाय पी रहा था। तभी उसकी मुलाकात प्रकाशचंद्र तिवारी से हुई।
समय काटने के लिए दोनों ने शहर में घूमने का प्लान बनाया। प्रकाश उसे अपनी बाइक पर बैठाकर चारबाग रेलवे स्टेशन से निकला।
रात पौने तीन बजे ले गया चाइल्ड लाइन
रास्ते में प्रकाश ने युवक को बताया कि वह चाइल्ड लाइन में काम करता है और उसे प्राग नारायण रोड स्थित अपना ऑफिस दिखाने के लिए रात करीब पौने तीन बजे चाइल्ड लाइन लेकर आया।
वहां पर प्रकाश ने युवक के साथ कुकर्म किया। विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह युवक को अपनी बाइक से ही चारबाग रेलवे स्टेशन छोड़ आया।
कुकर्म का शिकार युवक चारबाग रेलवे स्टेशन से पता पूछते हुए सुल्तानगंज पुलिस चौकी पहुंच गया और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद हजरतगंज कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।
कुबूली संबंध की बात
प्रकाश ने युवक के साथ संबंध बनाने की बात कुबूल की है। उसने कहा कि उसने आपसी सहमति से संबंध बनाए थे।
लेकिन संबंध बनाने के बाद युवक ने उससे पैसे मांगने शुरू कर दिए। इस पर प्रकाश उसे चारबाग स्टेशन छोड़कर भागने लगा तो युवक ने उसकी बाइक की चाबी निकाल ली और बाइक मांगने लगा।
तिवारी के अनुसार उसकी बाइक का लॉक खराब होने से चाबी अक्सर गिर जाती है, इसलिए वह जेब में अतिरिक्त चाबी रखता है।
उसने दूसरी चाबी से बाइक स्टार्ट की और वहां से चला आया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद चाइल्ड लाइन ने प्रकाश को टर्मिनेट कर दिया है।
चाइल्ड लाइन संचालित कर रही संस्था ह्यूमन यूनिट मूवमेंट (हम) की सचिव और चाइल्ड लाइन सलाहकार डॉ. संगीता शर्मा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि प्रकाश 1 जुलाई से चाइल्ड लाइन का जिला समन्वयक अधिकारी था।
दफ्तर बुलाकर पुलिस को सौंप दिया
दशक भर पहले वह चाइल्ड लाइन से जुड़कर सोशल वर्क कर चुका था और उसका साक्षात्कार लेने के बाद चाइल्ड लाइन इंडिया फेडरेशन से उसकी नियुक्ति स्वीकृत कराई गई थी।
डॉ. संगीता शर्मा ने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें सुबह 9 बजे हुई, जिसकेबाद उन्होंने प्रकाश से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की।
लेकिन उसने जवाब नहीं दिया,जिस पर उन्होंने एक अन्य स्टाफ सदस्य को प्रकाश के घर भेजा। इस बीच, उससे फोन पर संपर्क हुआ और उसे चाइल्ड लाइन दफ्तर लाया गया।
वहां से तुरंत पुलिस स्टेशन ले जाकर पुलिस को सौंप दिया गया। बाल गृह अधीक्षकचाइल्ड लाइन का ऑफिस प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह शिशु के परिसर में ही है।
यहीं बाल कल्याण समिति लखनऊ की बैठक भी की जाती है। बाल गृह के अधीक्षक हरीश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि चाइल्ड लाइन में हुई घटना से वे सकते में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बालगृह में कई बच्चियां भी हैं, जिनकी सुरक्षा को चाइल्ड लाइन में होने वाली आवाजाही से खतरा है।
उन्होंने कहा कि रात पौने तीन बजे परिसर में आने के बाद प्रकाश ने प्रवेश रजिस्टर में एंट्री नहीं की, बल्कि अनजान व्यक्ति को भी परिसर में लाया था।
यह नियमों का कड़ा उल्लंघन है, इसलिए वे प्रयास कर रहे हैं चाइल्ड लाइन का दफ्तर बाल गृह परिसर से शिफ्ट किया जाए।
प्रकाश पर लगे आरोपों से उसके करीबी और सहकर्मी सकते में हैं। स्टाफ ने उसके पूर्व में की गई इस किस्म की किसी हरकत की जानकारी से इनकार किया है।
सुंदर कांड व हनुमान चालीसा में ढोलक बजाने को उत्सुक रहने वाले प्रकाश को हाल ही में सिविल डिफेंस क्षेत्र में कार्यों के लिए प्रशासन ने 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया था। वह सिविल डिफेंस में आलमबाग पोस्ट वार्डन भी है।