गोमती नगर स्थित एक निजी अस्पताल में एनेस्थेसिस्ट की लापरवाही से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर में बेहोशी के डॉक्टर की गलती से उसके बच्चे की मौत हो गई। अपनी जान बचाने के लिए चिकित्सकों ने बच्चे को दो दिन वेंटीलेटर पर रखा।
बाद में उसकी मौत की सूचना दे दी। परिजनों ने अब मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी तक को शिकायती पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगायी है।
बाराबंकी के सफीपुर गांव निवासी उमेश कुमार ने बताया कि उसके 11 वर्षीय बेटे शुभम की 30 जुलाई को साइकिल से गिर जाने के कारण कोहनी की हड्डी टूट गई थी।
परिजन उसे लेकर विजयंत खंड गोमती नगर स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। उसी दिन शाम को सात बजे शुभम को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया।
जहां हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी सिंह और एनेस्थेसिस्ट डॉ. अशोक कुमार ने ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू की लेकिन कुछ देर बाद ही उसे मरणासन्न हालत में वेंटीलेटर सपोर्ट पर रख दिया गया।
इसके बाद से उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और न ही किसी परिजन को बच्चे से मिलने दिया गया। 2 अगस्त को चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चे के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन शुरू होने से पहले बेहोश किए जाने के दौरान लापरवाही बरती गई। इसी से उसकी जान चली गई।
उन्होंने बताया कि इस मामले में चिकित्सक की लापरवाही की जांच के लिए उसने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।