आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश उर्फ सीपू सिंह हत्याकांड की सीबीआई जांच होगी। राज्य सरकार ने पूर्व विधायक के परिवार वालों की ओर से दी गई तहरीर पर सहमति जता दी है।
सरकार ने कहा है कि उसे इस मामले की सीबीआई जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है और जल्दी ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने कहा कि जांच के लिए सिफारिश कर औपचारिक पत्र भेजने की कवायद में कुछ समय लगेगा। औपचारिकता शुरू हो चुकी है।
जल्दी ही सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेज देगी। प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही यह कहा था कि अगर पूर्व विधायक के परिवार के लोग सीबीआई जांच की इच्छा करेंगे तो इसकी सिफारिश की जाएगी।
कहा कि इस मामले का खुलासा करने के लिए और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार ने पहले ही एसटीएफ जैसी जांच एजेंसी को लगा दिया है।
पुलिस भी अपनी तरफ से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश में है। जब तक सीबीआई जांच टेकओवर नहीं करती तब तक पूर्व विधायक के हत्यारों को तलाशने की कोशिश जारी रहेगी।
गौरतलब है कि आजमगढ़ में पूर्व विधायक सीपू सिंह समेत दो लोगों की सरेआम हत्या होने के बाद वहां हिंसा भड़क गई थी। पूर्व विधायक के समर्थकों ने थाने का घेराव कर तोड़-फोड़ व आगजनी की थी।
पुलिस ने जवाब में हवाई फायरिंग की थी, जिससे दोव्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस फायरिंग से हुई मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे।
50 हजार के इनामी सहित तीन की तलाश
पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या की जांच में जुटी पुलिस को 50 हजार का इनामी सहित तीन कुख्यात शूटरों की तलाश है। गिरफ्तारी के लिए जिले के अलावा मऊ, गाजीपुर की क्राइम ब्रांच के साथ एसटीएफ टीम कई स्थानों पर छापे मार चुकी है।
पुलिस की मानें तो चिह्नित अपराधियों में गिरधारी कुंटू का पुराना साथी है, वह इससे पूर्व भी कुंटू के लिए कई वारदातें कर चुका है। सर्वेश सिंह की हत्या से मात्र तीन हफ्ते पहले जेल से छूटा है। अन्य दो अपराधियों के नामों पर पुलिस कयास लगा रही है।
मजिस्ट्रेटी जांच के लिए अधिकारी नामित
जिला मजिस्ट्रेट नीना शर्मा ने 19 जुलाई को जीयनपुर में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सहित भरत राय की हत्या के बाद हुई हिंसा की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को जांच अधिकारी नामित किया है।
डीएम ने बताया कि एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जांच शुरु कर चुके है। उक्त घटनाक्रम के संबंध में यदि किसी प्रकार का साक्ष्य/आपत्ति एवं बयान दर्ज कराना चाहता है तो वे 26 जुलाई तक एडीएम के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।