जिस जगह वारदात हुई, वहां सुबह से ही काफी भीड़ रहती है। बैंक के अलावा कई निजी कंपनियों के दफ्तर होने से आसपास ठेले-खोमचे सजे रहते हैं। ऐसी जगह पर गोली चलने से दहशत फैल गई। सैकड़ों लोगों ने कैशियर को गोली मारक बैग लूटते हुए बाइक सवार बदमाशों को देखा तो उनके होश उड़ गए। चारों तरफ दहशत और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घटनास्थल के पास परचून और जूस की दुकान, बाटी-चोखा का ठेला और चाय का खोखा लगाने वाले दुकानें बंद कर भाग निकले।
हेलमेट पहने था बाइक चालक, साथी के चेहरे पर बंधा था रुमाल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बदमाश काले रंग की स्प्लेंडर बाइक से आए थे। बाइक चला रहा बदमाश हेलमेट पहने था जबकि पीछे बैठा उसका साथी चेहरे पर रुमाल बांधे हुए था। बदमाशों की उम्र 25 से 30 वर्ष बताई जा रही है। दोनों दुबली-पतली कद-काठी के थे।
गोमतीनगर के क्षेत्राधिकारी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बदमाश गैस एजेंसी से ही श्याम सिंह के पीछे लगे थे। बदमाशों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, उससे लग रहा है कि उन्होंने अच्छी तरह से रेकी की थी। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि गैस एजेंसी जिस जगह पर है, वहां आसपास काफी छोटे-छोटे मकान हैं। कुछ हिस्सों पर बस्ती भी है। ऐसा लग रहा है कि आसपास रहने वाले किसी बदमाश ने ही वारदात की है या फिर हत्या और लूट में गैस एजेंसी का कोई कर्मचारी अथवा पूर्व कर्मचारी ही शामिल है। इलाके के लोगों के अलावा हाल ही में गैस एजेंसी की नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।
तीन दिन का कैश लेकर जमा कराने गए थे कैशियर
गैस एजेंसी के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि सोमवार को एजेंसी का तीन दिन का कैश कलेक्शन लेकर कैशियर श्याम सिंह बैंक गए थे। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी बुधवार को बंद रहती है। अमूमन शनिवार, रविवार की रकम सोमवार सुबह बैंक में जमा कराई जाती है। सोमवार सुबह साढे़ सात बजे एजेंसी खुली थी। कैशियर श्याम सिंह 10.30 बजे तक जमा रकम व शनिवार और रविवार की रकम बैंक में जमा कराने के लिए एजेंसी से निकले थे।
13 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई, छह सड़क को कर रहे कवर
पुलिस की टीमों ने गैस एजेंसी से बैंक ऑफ इंडिया के सामने स्थित घटनास्थल और फिर वहां से हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोलपंप से मधुरिमा रेस्टोरेंट तक लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। मधुरिमा रेस्टोरेंट में लगे कैमरों की फुटेज में हेलमेट पहनकर और रुमाल से मुंह बांधकर बाइक पर जाते बदमाश नहीं दिखे। पुलिस का कहना है कि खूनी लुटेरे मधुरिमा रेस्टोरेंट से पहले पेट्रोलपंप के सामने पुल के नीचे से बायीं तरफ मुड़कर मुख्य सड़क पर आ गए। यहां से खूनी लुटेरे लोहिया चौराहा की तरफ भागे हैं। हो सकता है कि लुटेरे पुल से उतरकर बीच में कट से बायें हाथ उलटी दिशा से होते हुए मिठाई वाला तिराहा या फिर उससे पहले गोमतीनगर थाना जाने वाली सड़क पर चले गए होंगे। फिलहाल पुलिस की टीमें गैस एजेंसी से घटनास्थल तक लगे 13 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है। इसमें से छह कैमरे सड़क को कवर कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि कैशियर गैस एजेंसी से निकलकर गली-गली होते हुए बैंक के बाहर पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शी जूस दुकानदार हनुमान प्रसाद यादव ने बताया कि वह पांच मिनट पहले ही दुकान पर आया था। उसने कहा कि, धड़ से आवाज आई तो सोचा कि टायर दगा है। फिर देखा कि बाइक से उतरा युवक पलट गया और दूसरी बाइक से दो बदमाश भाग रहे हैं। उसने तुरंत शोर मचाया लेकिन तब तक बदमाश मधुरिमा रेस्टोरेंट की तरफ भाग चुके थे।
वारदात में इस्तेमाल हुआ .32 बोर का असलहा
विभूतिखंड थाना के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार उपाध्याय का कहना है कि वारदात में .32 बोर का असलहा इस्तेमाल हुआ है। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से कोई खोखा नहीं मिला है। श्याम सिंह के सीने पर लगी गोली का छेद देखकर ही असलहे के बोर का अंदाजा लगाया जा रहा है।
30 सेकेंड में लूट लिए 10 लाख रुपये
बदमाशों ने कैशियर श्याम सिंह की गोली मारकर हत्या और 10 लाख रुपये लूटने की सनसनीखेज वारदात में मात्र 30 सेकेंड का समय लगाया। घटनास्थल के सामने सड़क के दूसरी तरफ बाइक सर्विसिंग सेंटर चलाने वाले शकील ने बताया कि बदमाश बाइक से कैशियर के पीछे-पीछे आए। बाइक रुकने पर चेहरे पर रुमाल बांधकर पीछे बैठा बदमाश नीचे उतरा जबकि उसका साथी बाइक स्टार्ट करके सड़क पर ही खड़ा रहा। बदमाश ने असलहा निकाला और पांच-छह कदम चलकर कैशियर के पास पहुंचकर सीधे उसे गोली मार दी। कैशियर सड़क पर गिर पड़ा तो बदमाश ने उसका बैग छीन लिया और अपने साथी की बाइक पर बैठकर भाग गया। बकौल शकील, पूरी वारदात में 25 से 30 सेकेंड लगे होंगे।