हरदोई के आटो स्पेयर पार्ट्स कारोबारी राजकिशोर कपूर (52) ने बुधवार दोपहर हुसैनगंज स्थित राज होटल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। फांसी लगाने से पहले उन्होंने त्रिवेणीनगर तृतीय निवासी अपने चचेरे दामाद डॉ. अमित कपूर को एसएमएस कर आत्महत्या करने की सूचना दी थी।
लेकिन जब तक परिवारीजन होटल पहुंचते तब तक काफी देर हो चुकी थी। उधर, हरदोई में चार दिन पहले किसी बात लेकर हुए विवाद में पिटाई और केस दर्ज होने को खुदकुशी का कारण बताया जा रहा है।
हुसैनगंज पुलिस को होटल के कमरे से राजकिशोर के हाथों से लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। थाना प्रभारी शिव शंकर सिंह ने बताया कि राजकिशोर तीन दिन पहले चचेरे दामाद के घर आए थे।
बुधवार सुबह वह चौक में एक रिश्तेदार से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे। रिश्तेदार से मिलने के बाद वह राज होटल पहुंचे और फांसी लगा ली। होटल में राजकिशोर ने आईडी के तौर पर आधार कार्ड लगाया था।
चार दिन पहले गांव में हुआ था झगड़ा
राजकिशोर ने दोपहर 12:52 बजे डॉ. अमित कपूर के मोबाइल पर एसएमएस भेजा था। उसमें लिखा था कि, ‘मैं पापा के पास जा रहा हूं।’ इसके अलावा राज होटल और कमरा नंबर 303 भी लिखा।
एसएमएस मिलते ही अमित ने तुरंत राजकिशोर का मोबाइल नंबर डायल किया। कई बार कॉल रिसीव नहीं हुई तो अमित ने परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी सूचना दी। सभी राज होटल पहुंचे। अमित ने बताया कि राजकिशोर के पिता बृजेश नाथ कपूर की एक महीने पहले मौत हुई थी।
चार दिन पहले कुछ लोगों ने पीटकर दर्ज कराया था केस
हरदोई के बिलग्राम स्थित शेरपुर जरौली के रहने वाले राजकिशोर के परिवारीजनों ने बताया कि चार दिन पहले गांव में कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने न सिर्फ राजकिशोर की पिटाई की बल्कि उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
परिवारीजनों के मुताबिक राजकिशोर सीधे और सरल स्वभाव के थे। परिवार में पत्नी सोनिया के अलावा दो बेटियां सौम्या और रिया हैं। सौम्या सीए की तैयारी कर रही है जबकि रिया आठवीं की छात्रा है। मुकदमा दर्ज होने पर राजकिशोर घबरा गए थे और गांव छोड़कर चचेरे दामाद के पास चले आए थे।
‘माफ करना बेटियों पर मैं कायर नहीं हूं’
राजकिशोर ने सुसाइड नोट में अपने अपमान के चलते यह कदम उठाने की बात लिखने के अलावा बेटियों के प्रति अपनी चिंता और लगाव जाहिर किया है। राजकिशोर ने लिखा है कि, ‘मैं स्वयं आत्महत्या कर रहा हूं। इसमें किसी का दोष नहीं है। मेरी जिंदगी सिर्फ यहीं तक थी। मैं यह काम नहीं करता लेकिन सिर नीचा कर चलना मेरे मान-सम्मान में नहीं है इसलिए मैंने यह कदम उठाया।’
राजकिशोर ने सभी से माफी मांगते हुए अपनी दोनों बेटियों की देखभाल करने की गुजारिश की है। उन्होंने लिखा, ‘अगर हो सके तो मेरी दोनों बेटियों की परवरिश अच्छे से करना। जो काम मुझे करना था वह मैं दूसरों पर छोड़ रहा हूं। मेरी बेटियां मुझे कायर समझेंगी मगर मैं कायर नहीं हूं।’ सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी बेटियों से माफी भी मांगी है।