हजरतगंज के सिविल अस्पताल के सामने मंगलवार तड़के पांच बजे महोबा जिला पंचायत के इंजीनियर कमलेश्वर नारायण गुप्ता को लूट लिया। पीड़ित ने बताया कि बाइक सवार चार बदमाश थे। इसमें एक ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया था। अचानक उन पर हमला कर बदमाश बैग लूटकर भाग निकले थे।
बैग में नकदी व दस्तावेज थे। मौके पर पहुंची पुलिस जांच की बात कहकर टालमटोल करने लगी। मुख्यमंत्री के गोरखपुर स्थित कैंप कार्यालय से फोन आने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। हालांकि , बुधवार देर रात तक पीड़ित को मुकदमे की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
मूलरूप से सिद्धार्थनगर निवासी कमलेश्वर नारायण गुप्ता गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर के पास अंधियारी बाग में रहते हैं। वह महोबा के जिला पंचायत विभाग में बतौर इंजीनियर तैनात हैं। कमलेश्वर के मुताबिक ,वह सरकारी काम से लखनऊ आए थे। मंगलवार तड़के बस ने गोल्फ क्लब चौराहे पर उतारा।
वह पैदल ही सिविल अस्पताल के पास स्थित होटल रामाकृष्णा जा रहे थे। वह अभी सिविल अस्पताल के मुख्य द्वार व पार्क रोड स्थित विधायक आवास के बीच में पहुंचे थे। तभी एक युवक पीछे से चिल्लाता हुआ आया और कहा कि पीछे खड़े साहब आपको बुला रहे हैं।
कमलेश्वर वहां पहुंचे तो उस व्यक्ति ने एक कार्ड दिखाते हुए कहा कि वह सीबीआई अधिकारी है। बैग में क्या लेकर जा रहे हो। इस बीच पीछे से एक और युवक पहुंचा। दो तरफ से युवकों ने उनकी गर्दन पर वार किया। इससे वह लड़खड़ा कर गिर गए। इस बीच एक बदमाश ने उनका उठाया और बाइक से सभी शातिर भाग निकले।
उन्होंने शोर मचाया तो बाइक से जा रहे एक युवक ने उनकी मदद की। गोल्फ क्लब चौराहे होते हुए लोहिया पथ पर 1090 चौराहे तक पीछा किया, लेकिन बदमाश हाथ नहीं आए। इसके बाद वारदात की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की। पीड़ित के मुताबिक, पीआरवी ने थाने में जाकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से फोन आने पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित के मुताबिक, वह हजरतगंज कोतवाली पहुंचे, जहां करीब तीन घंटे तक पुलिसकर्मी टहलाते रहे। इस बीच उन्होंने मुख्यमंत्री के गोरक्षनाथ मंदिर स्थित कैंप कार्यालय में फोन किया, वहां मौजूद लोगों को वारदात और पुलिस के रवैये के बारे में जानकारी दी। वहां से तत्काल हजरतगंज प्रभारी निरीक्षक को फोन किया गया। इसके बाद पीड़ित का मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा मंगलवार सुबह दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने बुधवार देर रात तक उनको प्रति उपलब्ध नहीं कराई थी। प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित से बताया कि दो दिन से प्रिंटर नहीं चल रहा है। वह मुकदमे की प्रति के लिए दो दिन से लखनऊ में भटक रहे हैं।