‘अगर अपना एसआर इंस्टीट्यूट बचाना है तो आज ही दो करोड़ रुपये का इंतजाम कर लो वरना ऐसा धमाका होगा कि टुकड़े भी नही मिलेंगे समझ गए पवन सिंह।’ शुक्रवार रात बीकेटी के एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के चेयरमैन पवन सिंह चौहान ने मोबाइल फोन पर यह एसएमएस देखा तो उनके होश उड़ गए।
दरअसल यह मैसेज क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट प्रदीप कुमार वर्मा ने भेजा था, जिसे सर्विलांस टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया। पवन सिंह चौहान को मैसेज बृहस्पतिवार सुबह 6.44 बजे मिला था।
उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जिस नंबर से मैसेज आया था, पुलिस उसकी छानबीन कर ही रही थी कि शनिवार दोपहर एक बाइक सवार कॉलेज आया। बाइक बाहर खड़ी करके बदमाश सीधे चेयरमैन पवन सिंह चौहान के केबिन में घुस गया।
उसने पवन सिंह से कहा कि, ‘मैंने दो करोड़ रुपये मांगे थे। तुम्हें समझ में नहीं आ रहा है।’ बदमाश ने धमकी देते हुए कहा कि, ‘एक महीने का वक्त दे रहा हूं। रुपये का इंतजाम नहीं हुआ तो कॉलेज को खंडहर बना दूंगा।’ इससे पहले चेयरमैन सुरक्षाकर्मियों को बुलाते, बदमाश भाग गया।
शोरगुल मचने पर सुरक्षाकर्मी दौड़े, पर उसे पकड़ा नहीं जा सका। सूचना पाकर क्राइम ब्रांच, बीकेटी पुलिस इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंच गई। सर्विलांस की मदद से रंगदारी व धमकी देने वाले बदमाश की लोकेशन लेकर उसकी घेराबंदी की गई।
धमकी देने वाले का पिता है किसान
आरोपी छात्र प्रदीप
- फोटो : amar ujala
बदमाश को उसके घर से ही दबोच लिया गया। इंस्पेक्टर विजय शंकर यादव ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश बीकेटी के रामपुर बेहड़ा गांव निवासी प्रदीप कुमार वर्मा है। उसे जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रदीप के पिता बृजकुमार किसान हैं। परिवार में मां मायावती के अलावा भाई प्रमोद व मुरली और बहन आरती हैं। बदमाश की गिरफ्तारी पर चेयरमैन ने पुलिस टीम को 5100 रुपये की नकद धनराशि देकर सम्मानित किया।
प्रदीप ने बताया कि उसने 14 अगस्त को पवन सिंह चौहान के मोबाइल नंबर पर कॉल करके धमकी दी थी। हालांकि, पवन सिंह चौहान का कहना है कि नेटवर्क में गड़बड़ी के चलते उन्हें स्पष्ट तरीके से पूरी बात नहीं सुनाई दी इसलिए उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
पवन सिंह चौहान ने बताया कि वह बीकेटी के मामपुर बाना गांव में रहते हैं और उनके कई ईंट-भट्ठे भी हैं। अक्सर ईंट-भट्ठे के काम के सिलसिले में फोन आते रहते हैं। प्रदीप ने बताया कि मोबाइल फोन पर बात नहीं हो सकी तो 18 अगस्त की सुबह उसने पवन सिंह चौहान को एसएमएस करके रुपया मांगा।
धमकी के लिए इस्तेमाल किया दोस्त का सिमकार्ड
पवन सिंह चौहान
- फोटो : amar ujala
धमकी देने के लिए इस्तेमाल किया दोस्त का सिमकार्ड
प्रदीप ने धमकी देने के लिए अपने दोस्त का सिमकार्ड इस्तेमाल किया था। मोबाइल नंबर की पड़ताल करने पर पता चला कि जिस नंबर से धमकी दी गई है, वह किसी प्रभाकर के नाम से लिया गया है। पुलिस ने प्रभाकर को पकड़कर पूछताछ की, तब सच सामने आया।
इंस्पेक्टर विजय शंकर यादव ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश प्रदीप सीतापुर रोड पर देवरीरूखारा स्थित सहज जनसेवा केंद्र में नौकरी करता है। प्रभाकर भी उसके साथ ही काम करता है। प्रभाकर से ही सिमकार्ड लेकर उसने एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के चेयरमैन को धमकी दी थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रदीप ने एक अखबार में एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज का विज्ञापन देखकर उससे ही चैयरमैन का मोबाइल नंबर लिया था। इसके बाद व्हाट्सएप के एक ग्रुप से उनका फोटो मिल गया। इस फोटो से प्रदीप ने चेयरमैन को पहचाना और धमकाना शुरू कर दिया।
प्रदीप ने सावधान इंडिया और साउथ इंडिया की एक थ्रिलर फिल्म देखकर रंगदारी की साजिश रची थी। उसने बताया कि सावधान इंडिया में एक कहानी देखकर उसे रंगदारी मांगने का आइडिया आया। इंजीनियरिंग कॉलेज में घुसकर चेयरमैन को धमकाने का विचार साउथ इंडियन फिल्म से मिला।