ठाकुरगंज इलाके में कार सवार दबंग कुछ दिन पहले चेकिंग कर रहे दरोगा ओम प्रकाश यादव द्वारा रोके जाने से नाराज हो गया। उसने दरोगा पर कार चढ़ाने की कोशिश की। जिसमें वह चोटिल हो गये। दरोगा ने कार का नंबर नोट कर लिया था। दरोगा के मुताबिक कार पर लाल-नीली बत्ती लगी थी।
सोमवार रात को सिपाही रत्नेश कुमार यादव एक अन्य सहयोगी के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान दरोगा को कार दिखी। दोनों सिपाहियों ने उसे रोक लिया और कार सवार तहसीनगंज का रहने वाले शाहिर से पूछताछ की। इसके बाद थाने चलने के लिए कहा। इसी बीच शाहिर ने उन पर भी कार चढ़ाने की कोशिश की।
रत्नेश के मुताबिक पूछताछ में शाहिर ने बताया था कि वह कार पर सिर्फ इलाके में दबंगई के लिए लाल व नीली बत्ती लगाता है। ताकि लोग उससे डरे सहमे रहें। प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज सुनील दुबे के मुताबिक सिपाही रत्नेश यादव की तहरीर पर शाहिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
इंदिरानगर के पिकनिक स्पॉट रोड पर रविवार रात को कुछ लोग शराब की दुकान के बाहर खड़े होकर शराब पी रहे थे। इसी बीच पीआरवी की टीम पहुंच गई। पीआरवी पर तैनात सिपाहियों ने पूछताछ शुरू की तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। सिपाहियों से हाथापाई तक की नौबत आ गई। खुलेआम सिपाहियों को वर्दी उतरवाने की धमकी देने लगे।
इसी बीच थाने की और फोर्स पहुंची तो उनसे भी भिड़ गये। कुछ देर बाद विवाद की सूचना इंस्पेक्टर इंदिरानगर को दी गई। इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ पहुंचे तो उनसे भी काफी देर तक कहासुनी करते रहे। इस दौरान सड़क पर शराब पीने वाले लोगों ने पुलिस टीम को कमिश्नर से निलंबित कराने की धमकी भी दी। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। प्रभारी निरीक्षक अजय त्रिपाठी सभी को थाने लेकर गये। जहां देर रात को समझौते के बाद मामला शांत हुआ।