माल्दा से जाली नोट लेकर आ रहे दो व्यक्तियों को सीबीआई की एक टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर से दबोच लिया।
इनके पास से सवा तीन लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए। सीबीआई इनसे पूछताछ कर रही है। इन दोनों को सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
माल्दा टाउन-दिल्ली फरक्का एक्सप्रेस से लखनऊ पहुंचे साजिद अली और मोहम्मद इकराम को सीबीआई की टीम ने रविवार को दबोच कर तलाशी ली तो उनके पास से सवा तीन लाख रुपये बरामद हुए। सभी नोट एक-एक हजार रुपये के थे। बरामद नोट हूबहू असली जैसे लग रहे थे।
मौके पर मौजूद सीबीआई के विशेषज्ञ ने इन्हें जाली नोटों के तौर पर पहचान लिया।
इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने आईपीसी की धारा 120 बी व 489 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें साजिद मुरादाबाद का रहने वाला है जबकि इकराम रामपुर का निवासी है।
दोनों से पूछताछ में सामने आया कि वे इन नोटों को माल्दा से लेकर आ रहे थे। माल्दा में उन्हें यह नोट कलियाचक इलाके में एक व्यक्ति से शनिवार को हासिल हुए थे। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी दोनों ने यह स्वीकार नहीं किया है।
आशंका है कि वे लंबे अरसे से इस धंधे से जुड़े हुए हैं। संभवत: वे कई बार जाली नोटों को बाजार में चला चुके हैं या इसी धंधे से जुड़े लोगों तक पहुंचा चुके हैं।
गौरतलब है, इससे पहले भी माल्दा कनेक्शन से आए नकली नोटों को सीबीआई व अन्य जांच एजेंसियां फरक्का एक्सप्रेस से बरामद कर चुकी हैं।
माल्दा से जाली नोट लेकर आने वाले इसी ट्रेन से आते हैं। इसी वजह से सीबीआई व अन्य एजेंसियों की निगाह माल्दा से होकर आने वाली प्रमुख ट्रेनों पर लगी रहती है।
सूत्रों के अनुसार जो नोट बरामद हुए हैं वे इतनी अच्छी क्वालिटी के हैं कि पहली नजर में उन्हें परखना खासा मुश्किल है।
इन नोटों के भी पाकिस्तान के क्वेटा या मलीर कैंट में छपे होने की आशंका जताई जा रही है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में कई जगहों पर भारतीय मुद्रा की नकल तैयार की जाती है और इनमें सबसे अच्छी नकल मलीर कैंट व क्वेटा में तैयार होती है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने गिरफ्तारी की सूचना डीआरआई (डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस) के अफसरों को दे दी है।
सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के पुलिस अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी है। सीबीआई ने यह कवायद इसलिए की है ताकि माल्दा कनेक्शन का खुलासा हो सके।