फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंकी गिड़गिड़ाया, प्लीज दिमाग से निकाल दो चिप!

Mon, 30 Jun 2014 07:52 AM IST
नीरज श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
भले ही यह सुनकर अटपटा लगे कि इंसान के शरीर में चिप फिट कर उसका रोबोट की तरह संचालन किया जा सकता है, पर आतंक के आरोपी अब्दुर्रहमान उर्फ मो. इकबाल ने पुलिस पर यही आरोप लगाया है।
विज्ञापन


उसने कोर्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन के जरिये उसके शरीर में मैग्नेटिक चिप फिट करा दिए हैं। इससे उसकी जिंदगी रोबोट जैसी हो गई है। इससे नींद नहीं आती है और कानों में गालियां सुनाई देती है।

इकबाल ने अदालत से गुजारिश की कि सीटी स्कैन व एमआरआई कराकर चिप निकलवाई जाए। विशेष न्यायाधीश बीएल केसरवानी ने थाना प्रभारी वजीरगंज को 10 जुलाई से पहले इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट को देने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

Trending Videos

देशद्रोह में काट रहा है सजा

देश द्रोह, साजिश रचने और हत्या के प्रयास के मामले में लखनऊ जेल में बंद शामली के इकबाल ने जेल अदालत में अर्जी देकर बताया कि दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने उसे 21 मार्च 2008 को गिरफ्तार किया था।

बिना मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए उसे दो माह से ज्यादा वक्त तक कस्टडी में रखा। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने न केवल उसे हर तरह से प्रताड़ित किया बल्कि ऑपरेशन के जरिये उसके सिर, आंत तथा अपेंडिक्स के पास मैग्नेटिक चिप लगवा दिए।

22 मई 2008 को उसे जेल भेज दिया गया। न्यायालय में दी गई अर्जी में उसने बताया है कि चिप लगाए जाने के बाद से वह एक रोबोट की तरह हो गया है जिसका संचालन कोई और कर रहा है।

'असहनीय दर्द होता है मुझे'

खान ने आरोप लगाया कि सिर में चिप लगी होने के कारण वह रात में सो नहीं सकता। कानों में तेज आवाजें और गालियां सुनाईं पड़ती रहती हैं।

इस चिप के गर्म हो जाने पर असहनीय पीड़ा होती है और लगता है कि सिर फट जाएगा। वहीं पेट में लगाई गई चिप के कारण भी कई तरह की परेशानियां होती हैं।

तिहाड़ जेल में भी चिप निकलवाने के लिए अधिकारियों से आग्रह किया था लेकिन उसे लखनऊ जेल स्थानांतरित कर दिया गया। इकबाल ने अर्जी में कहा है कि उसके पेट व सिर पर ऑपरेशन के निशान चिप लगाने के ही हैं।
विज्ञापन

पुलिस का शक, हूजी से ताल्लुक

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने मो. इकबाल को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।

वजीरगंज थाने से संबंधित देश द्रोह, साजिश रचने और हत्या के प्रयास के मामले में 13 अक्टूबर 2012 को उसे लखनऊ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से वह लखनऊ जेल में ही बंद है।

यह है मामला
एसओ वजीरगंज अभिनव पुंडीर के मुताबिक वर्ष 2008 में रेजीडेंसी के पास एक मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में जलालुद्दीन और नौशाद को गिरफ्तार किया गया था। इनसे पूछताछ में इकबाल का नाम सामने आया था। इकबाल के ताल्लुकात हूजी से होने की बात भी सामने आई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें