नदवा कॉलेज के पास देसी बम से हमला करने वालों का कोई सुराग नहीं लगा है।
शुक्रवार को चौकी इंचार्ज लखनऊ विश्वविद्यालय ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर असामाजिक तत्वों की तलाश शुरू की है।
पुलिस ने नदवा गेट के पास बने एटीएम बूथ का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। घटना स्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास
पुलिस के मुताबिक, लखनऊ विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार पांडेय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ नदवा कॉलेज के गेट के पास बम फेंकने, दहशत फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास समेत 3/5 विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
इसके साथ पुलिस ने मौके से कब्जे में लिए गए देशी बम के अवशेष परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की।
हसनगंज कोतवाली की क्राइम डिटेक्शन टीम सादे कपड़ों में इलाके का भ्रमण करके असामाजिक तत्वों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी रही। दूसरी तरफ, खुफिया तंत्र भी विभिन्न स्थानों पर टोह लेता रहा।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार देर रात असामाजिक तत्वों ने बंधा मार्ग से नदवा कॉलेज के गेट पर एटीएम से लौट रहे छात्रों पर सुतली बम फेंका था। हमले में छात्र बाल-बाल बच गए थे।
नदवा कॉलेज के हाफिज ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह, डीएम व पुलिस अधिकारियों को फोन किए थे। घटना से नदवा कॉलेज के छात्र भड़क गए थे और उन्होंने पथराव कर मंत्री की गाड़ी तोड़ डाली।
पुलिस बल तैनात
इसके बाद वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसएसपी ने असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की शरारत बताया था। इस मामले में सुबह शासन के अधिकारियों ने पुलिस अफसरों से पूछताछ शुरू की और बम फेंकने वालों का पता लगाकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
इंस्पेक्टर हसनगंज वीर सिंह का कहना है कि नदवा गेट के पास बने एटीएम बूथ का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया। मगर, कुछ हासिल नहीं हुआ। अंधेरा होने से तस्वीर साफ नहीं आई है।