महसी बाजार निवासी विवाहिता को ससुराल के लोगों ने 50 हजार रुपये के लिए मंगलवार रात जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने दामाद और समधी को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया है। दोनों आरोपी फरार हैं।
पिता का कहना है कि दहेज और दामाद को पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे छह माह पहले ससुरालीजनों ने उससे एक लाख रुपये और अन्य सामान लिए थे। पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आंटा परसपुर निवासी नूर मोहम्मद ने हरदी थाने पर दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसने अपनी बेटी जरीना बानो उर्फ गुड़िया (20) की शादी साल भर पहले हरदी के महसी बाजार निवासी मो. इकराम से की थी।
नूर के कहना है कि विवाह के छह माह बाद इकराम को पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये की मांग की गई। उसने किसी तरह पैसे का इंतजाम कर मांग पूरी की लेकिन फिर डिमांड बढ़ती रही।
15 दिनों बाद फिर की मांग
इसके बाद इनवर्टर, बैट्री और लैपटॉप भी बेटी के ससुराल के लोगों को दिया लेकिन 15 दिन पहले से फिर 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
नूर का कहना है कि उसने रुपये देने से मना किया तो ससुराल के लोगों ने गुड़िया का उत्पीड़न शुरू कर दिया गया।
नूर मोहम्मद ने बताया कि गुड़िया ने मोबाइल पर बातचीत के दौरान दामाद व समधी के पीटने की बात कही थी।
रुपये की मांग न पूरी होने पर मंगलवार रात गुड़िया पर केरोसिन छिड़ककर ससुराल के लोगों ने उसे जिंदा जला दिया। पीड़ित पिता का कहना है कि पड़ोसियों से सूचना पाकर वह रात में ही बेटी के घर पहुंचा।
गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज शुरू होने के एक घंटे बाद ही गुड़िया की मौत हो गई। इस मामले में थानाध्यक्ष एसपी यादव ने बताया कि नूर मोहम्मद की तहरीर पर इकराम और उसके पिता के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फरार पिता-पुत्रों की तलाश की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।