लखनऊ के पारा थाना के पास ट्रैफिक बूथ के सामने शनिवार शाम सड़क हादसे में कक्षा सात के छात्र अमर सिंह लोधी (14) की दर्दनाक मौत के बाद इलाकाई लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हो गए।
पुलिस ने कार्रवाई में हीला-हवाली की तो गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पुराने टायर और पुआल के ढेर सड़क पर रखकर आग लगा दी। कई वाहनों में तोड़फोड़ की।
रसोई गैस के सिलेंडर लेकर जा रहे एक गैस एजेंसी के वाहन में जलता टायर फेंकर आग लगाने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलवा ली गई।
भीड़ का आक्रोश कम नहीं हुआ तो लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक पथराव, उपद्रव, आगजनी और तोड़फोड़ में आठ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए जबकि तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
टक्कर से उछल कर गिरा छात्र, पिछला पहिया चढ़ा
दुर्घटनास्थल का एक दृश्य
- फोटो : amar ujala
एसओ पारा अशोक यादव ने बताया कि अमर राजमिस्त्री मेवालाल के आठ बच्चों में सबसे छोटा था। शाम करीब साढ़े छह बजे वह डॉक्टरखेड़ा स्थित घर से साइकिल से पारा थाना के पीछे बुद्धनगर में दूसरे मकान जाने के लिए निकला था। ट्रैफिक बूथ पार करते ही सीतापुर से कानपुर जा रहे बेकाबू ट्रक ने उसे टक्कर मार दी।
अमर उछलकर गिरा और ट्रक के पिछले पहिये के नीचे आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से भाग गया।
ट्रक के पीछे दौड़ी भीड़ तो तालाब में कूदा ड्राइवर
आसपास मौजूद लोगों ने हादसे के बाद मौके से भाग रहे ट्रक का पीछा किया और कुछ दूर पर उसे पकड़ लिया। भीड़ देखकर दहशत में आया चालक ट्रक से सड़क किनारे एक तालाब में कूद गया। इस बीच पुलिस भी मौके पर आ गई।
पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया। एसओ ने बताया कि ट्रक चालक खागा फतेहपुर निवासी सागर है। वह खाली ट्रक लेकर कानपुर जा रहा था। साथ में एक और युवक था जो मौके से भाग निकला।
वसूली से बचने के लिए खतरनाक ढंग से चलाते हैं वाहन
विलाप करते परिजन
- फोटो : amar ujala
इलाकाई लोगों का कहना था कि ट्रक चालक ने वसूली से बचने के चक्कर में किशोर की जान ले ली। ट्रक सीतापुर से आ रहा था और बूथ क्रॉस करने से पहले ही साइकिल सवार किशोर सामने आ गया।
उस वक्त चालक बूथ पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की वसूली से बचने के लिए खतरनाक तरीके से वाहन चला रहा था। किशोर सामने आया तो उसने परवाह नहीं की और उसे रौंदता हुआ निकल गया।
लोगों ने कहा कि ट्रैफिक बूथ पर तैनात ट्रैफिक, होमगार्ड और पुलिस के जवान सुबह से शाम तक वसूली करते हैं। चेकिंग के नाम पर दोपहिया वाहन सवारों से रुपया ऐंठा जाता है जबकि भारी वाहनों का रुपया बंधा हुआ है। लोग ट्रैफिक बूथ से बचकर भागते हैं जिससे हादसे होते हैं।
रोज कोई न कोई व्यक्ति वाहनों की चपेट में आकर घायल होता रहता है। कई बार इलाके में विरोध प्रदर्शन हुआ लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।