इसी स्कूल में हुआ बच्चे पर हमला
- फोटो : amar ujala
उधर, बेटे पर हमले की खबर से परिवारीजनों के होश उड़ गए। घबराए माता-पिता स्कूल पहुंचे तो बेटे की हालत देखकर रोने-पीटने लगे। स्कूल प्रशासन ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने अज्ञात छात्रा पर धारदार हथियार से वार कर घातक चोट पहुंचाने की तहरीर दी थी जिस पर केस दर्ज कर लिया गया है।
जिस गैलरी में छात्र को दबोचा वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं
ब्राइटलैंड स्कूल में जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस छानबीन के लिए स्कूल पहुंची तो पता चला जिस गैलरी में छात्रा ने मासूम छात्र को दबोचा था, वहां कोई कैमरा नहीं है। इससे छात्रा की पहचान कराने में पेंच फंस गया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि पीड़ित छात्र के ठीक होने के बाद छात्रा की पहचान की कवायद की जाएगी। फिलहाल अभी तो छात्र बोलने की स्थिति में नहीं है जिसके चलते उससे हमलावर छात्रा का हुलिया भी नहीं पूछा जा सका है। जरूरत पड़ी तो छात्र को स्कूल ले जाकर जूनियर सेक्शन की कक्षाओं में ले जाकर छात्रा की पहचान कराई जाएगी।
बडे़ भाई से खुन्नस में तो नहीं हुई वारदात
परिवारीजनों ने बताया कि छात्र का बड़ा भाई भी ब्राइटलैंड स्कूल में कक्षा छह का छात्र है। हालांकि, करीब छह महीने पहले उसने स्कूल जाना बंद कर दिया था। परिवारीजनों के पूछने पर वह पेट में दर्द होने की बात कहकर टाल देता था। बातचीत के दौरान इस जानकारी से पुलिस का माथा ठनक गया। पुलिस को शक है कि स्कूल में किसी लड़की से छात्र के बड़े भाई का झगड़ा हुआ होगा जिसकी खुन्नस में उसने छोटे भाई को निशाना बना दिया होगा। आखिर छात्र का बड़ा भाई क्यों स्कूल नहीं जा रहा था? पुलिस इसकी भी छानबीन कर रही है।
घटना के बाद अन्य बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल से लेकर चले गए
- फोटो : amar ujala
ट्रामा सेंटर में भर्ती छात्र इतनी दहशत में है कि उसने दोबारा स्कूल जाने से इनकार कर दिया है। छात्र के परिवारीजनों ने बताया कि वह बेहोशी में बड़बड़ाता रहता है। आधी रात को चौंककर जाग जाता है और जोर-जोर से रोने लगता है। उसकी हालत देखकर मां भी रोने लगती है। वह बच्चे को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए सीने से चिपटा देती है। मासूम छात्र कहता है कि वह अब कभी स्कूल नहीं जाएगा। इस पर मां उसे दोबारा स्कूल न भेजने का वादा करती है।