स्कूली छात्रों को डरा-धमकाकर उगाही करने वाले गिरोह ने जानकीपुरम के अभिषेकपुरम निवासी सेंट्रल एकेडमी में दसवीं कक्षा के छात्र रोहन के रंगदारी देने से इन्कार करने पर उसपर जानलेवा हमला बोल दिया। मारपीट के बाद उसके जेब में रखे 850 रुपये लूट लिए। रोहन की दायीं आंख, सिर व हाथ-पैरों में काफी चोटें आई हैं। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
रोहन के कोचिंग टीचर अभिषेक की तरफ से इलाके के ही गाजी, रजत, हर्ष, जय सिंह राणा सहित अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट और हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
रोहन के पिता विक्टर और मां आशा दरोगा हैं। दोनों कानपुर देहात के मंगलपुर थाना और अकबरपुर थाना में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि रोहन व छोटा बेटा बॉबी यहां अपने बाबा जेम्स एच नाथ और दादी पैमिला के साथ रहते हैं।
17 सितंबर की रात करीब आठ बजे वह घरेलू सामान खरीदने के लिए घर से निकला था तभी पंतजलि आश्रम के पास गाजी और उसके साथियों ने उसे रोक लिया। बकौल विक्टर, बदमाशों ने रोहन से रुपये मांगा। इन्कार किया तो उसे लाठी-डंडे से बुरी तरह से पीटा।
पहले गांठते हैं दोस्ती, देते हैं सुरक्षा का वादा, फिर करते हैं वसूली
रोहन ने बताया कि आवारा लड़कों का गैंग स्कूल के आसपास घूमता है। इंटरवल या छुट्टी के समय गिरोह के सदस्य एक साथ चार-पांच बाइक से आते हैं और किसी जगह पर दरबार लगा लेते हैं।
बाइक पर बैठे-बैठे ही बदमाश स्कूल के छात्रों को बुलाकर पास बैठाते हैं। पहले उनसे दोस्ती करते हैं। उन्हें कॉफी, चिप्स, बर्गर खिलाते हैं। तीन-चार दिन लगातार छात्रों को अपने साथ रखते हैं। बदमाश लड़के स्कूली छात्रों से कहते हैं कि हमारे साथ रहोगे तो सुरक्षित रहोगे। इसके बाद बदमाश हंसी-मजाक में जेब में रखे रुपये छीनने लगते हैं।
मना करने पर दूसरे लड़कों को आगे करके डराते-धमकाते और मारपीट करते हैं। फिर छात्रों से रंगदारी वसूलना शुरू कर देते हैं। शुरुआत में रोहन को भी बदमाशों ने अपने साथ रखकर खूब घुमाया-फिराया। रुपये छीनने लगे तो रोहन उनसे किनारा करने लगा। इसी बात से नाराज होकर बदमाशों ने उसे घेरकर पीटा।
पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई, अफसरों से लगाएंगे गुहार
विक्टर और उनके परिवार के सदस्य जानकीपुरम पुलिस की भूमिका से क्षुब्ध हैं। विक्टर ने कहा कि पुलिस उनके बेटे को ही दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है तो खुलेआम घूम रहे आरोपी एफआईआर लिखाने वाले कोचिंग टीचर अभिषेक पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बेटे की हालत गंभीर है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। ऐसे हालात में उन्होंने आला अधिकारियों से गुहार लगाने की बात कही है।
दरोगा विक्टर का कहना है कि आरोपी इलाके में ही रहते हैं। जब वह एक आरोपी वसीम व पंचर की दुकान करने वाले कलीम के पास शिकायत करने पहुंचे तो उसने गाली-गलौच व अभद्रता शुरू कर दी। पिता-पुत्र ने उन्हें मिलकर पीटा और वर्दी फाड़ दी। एसओ गोपाल सिंह यादव का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है।