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चपरासी बन आया लुटेरा, लगाई साढ़े चार लाख की चपत!

Fri, 08 Aug 2014 02:41 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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चिनहट के देवा रोड स्थित एसबीए डवलपर्स एंड अमित बिक्र फील्ड के ऑफिस में बृहस्पतिवार सुबह चपरासी मुन्ना को बंधक बनाकर 4.50 लाख रुपये लूट की वारदात ने सनसनी मचा दी।
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घटनास्थल पहुंची पुलिस ने मामला संदिग्ध मानते हुए मुन्ना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चंद घंटों में हकीकत सामने आ गई। मुन्ना को एक हफ्ते पहले ही नौकरी पर रखा गया था।

उसने अपने दो साथियों के साथ लूट की साजिश रचने की बात कुबूल कर ली है। चिनहट इंस्पेक्टर विजयमल सिंह यादव ने बताया कि चोरी की एफआईआर दर्ज कर मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया गया है। रुपये लेकर गायब मुन्ना के साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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इस तरह वारदात को दिया अंजाम

एसबीए डवलपर्स और अमित ब्रिक फील्ड के मालिक मुंशी पुलिया निवासी बलराम अग्रवाल तथा तकरोही बाजार में रहने वाले देव कुमार वर्मा हैं। एक सप्ताह पहले ही बाराबंकी के छिदवाही निवासी मुन्ना को अपने यहां चपरासी की नौकरी पर रखा गया था।

बृहस्पतिवार सुबह करीब साढे़ सात बजे मुन्ना ऑफिस पहुंचा। उसने बताया कि सफाई करते वक्त अचानक तीन लोग भीतर घुस आए और तमंचा तान दिया। शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी देते हुए मुन्ना के दोनों हाथ पीछे करके एक साइकिल के ट्यूब से बांध दिए।

इसके बाद बदमाश केबिन में घुस गए और आलमारी तोड़कर भीतर रखे 4.50 लाख रुपये, महत्वपूर्ण कागजात और खाली चेक ले गए। बदमाशों के जाने के बाद मुन्ना ने शोर मचाया तो पड़ोस में स्थित पूना लखनऊ रोड लाइंस के ऑफिस का चपरासी अन्नू वहां आ गया। उसने मुन्ना के बंधन खोलकर आसपास के लोगों को सूचना दी।

पुलिस का शक यकीन में बदला

लूट की जानकारी पाकर देव कुमार वर्मा मौके पर आ गए। सीओ गोमतीनगर और चिनहट सहित कई थानों की फोर्स मौके पर आ गई।

घटनास्थल के निरीक्षण और मुन्ना से पूछताछ में पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। देव ने बताया कि मुन्ना रोज सुबह नौ बजे ऑफिस आता था लेकिन बृहस्पतिवार को वह साढे़ सात बजे ही पहुंच गया।

इससे पुलिस का शक मुन्ना पर बढ़ गया। मुन्ना को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुन्ना ने खुद ही लूट की कहानी गढ़ी थी।

इस काम में उसने गुडंबा के दो साथियों की मदद ली। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुन्ना के खिलाफ चोरी की एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथी घर से भागे हुए हैं। दोनों की तलाश में टीमें भेजी गई हैं।
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प्रधान के घर भी कई बार चोरी की

मुन्ना पहले छिदवाही गांव के प्रधान भैरो सिंह के घर पर घरेलू कामकाज करता था। पुलिस ने प्रधान से संपर्क किया तो पता चला कि वहां भी मुन्ना ने कई बार चोरी की थी।

प्रधान का कहना है कि कभी घड़ी तो कभी बर्तन जैसे छोटे-मोटे सामान घर से गायब होने पर मुन्ना की तरफ ध्यान गया। एक दिन उसे रंगे हाथों चोरी करते पकड़ लिया। प्रधान ने बताया कि इसके बाद मुन्ना को नौकरी से निकाल दिया था। ग्राम प्रधान के घर की नौकरी छूटने के बाद ही मुन्ना राजधानी आया था।

नौकरी के पीछे लूट की प्लानिंग की छानबीन
इंस्पेक्टर ने बताया कि मुन्ना ने नौकरी के एक सप्ताह के भीतर ही साढ़े चार लाख रुपये लूट की फर्जी कहानी गढ़ दी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मुन्ना लूट की प्लानिंग करके ही नौकरी पर आया हो। उससे पूछताछ की जा रही है।
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