राजधानी की हाईटेक जेल के अत्याधुनिक इंतजामों को ठेंगा दिखाते हुए मंगलवार शाम रेप का आरोपी कल्लू वर्मा उर्फ कालिया फरार हो गया। इतनी बड़ी घटना के बावजूद जेल प्रशासन रात भर इसे छिपाए बैठा रहा। यही नहीं जेल प्रशासन यह तक पता नहीं लगा सका कि कालिया कैसे भागा और किधर से।
बुधवार सुबह आला अफसरों को इसकी सूचना दी गई। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा ने गोसाईंगंज थाना में कालिया के फरार होने की एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं बैरक के सामने ड्यूटी पर तैनात बंदीरक्षक अमरनाथ और मेन वॉल की निगरानी में लगे बंदी रक्षक भगवान पांडेय को निलंबित कर दिया गया है।
दोनों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेल अधीक्षक ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमरीश गौड़ को रिपोर्ट भेजी थी। वहीं एडीजी जेल ने कालिया की फरारी की जांच के आदेश देते हुए चौबीस घंटे में रिपोर्ट तलब की है।
आंधी-पानी में जेल को कोई नुकसान नहीं, तो कालिया कैसे फरार
कालिया यहां सर्किल नंबर दो के सात नंबर हाता स्थित बैरक संख्या 47 में बंद था। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम करीब चार बजे मौसम में अचानक हुए बदलाव के दौरान ही कालिया फरार हुआ। बादल छाए और चारों तरफ अंधेरा हो गया, बंदी बैरकों से बाहर थे। देखते ही देखते आंधी आई और बारिश शुरू हो गई। बंदी बैरकों के बजाय सुरक्षित ठिकाने की तरफ भागे।
18 फीट और 22 फीट की दीवार को कैसे फांदा
कोई दीवार के सहारे खड़ा हो गया तो कोई छज्जे के नीचे या खंभे के पीछे। करीब आधा घंटा तक यही स्थिति रही। जब तक जेल प्रशासन बंदियों को सुरक्षित बैरकों में भेजता, कालिया गायब हो चुका था। करीब 5.30 बजे गिनती करने पर एक बंदी कम मिला तो जेल अफसरों के होश उड़ गए।
सवाल जिनके जवाब नहीं
18 फीट और 22 फीट की दीवार को कैसे फांदा
जेल की चारदीवारी इतनी ऊंची है कि उस पर चढ़कर दूसरी तरफ कूदना मुमकिन नहीं है। कालिया अगर दीवार फांदकर भागा तो उसे पहले सर्किल वॉल पार करनी पड़ी होगी। करीब 18 फीट ऊंची इस दीवार पर चढ़ने का कोई जरिया नहीं है। इस दीवार को अगर किसी तरह उसने पार कर भी लिया तो करीब 22 फीट ऊंची मेन वॉल है।
जेल सूत्रों का कहना है कि कोई दो ऊंची दीवारें तभी फांद सकता है जब जेल के पांच से छह लोगों ने उसे ऊपर चढ़ाने में सहयोग किया हो। हालांकि, जेल सूत्रों ने दीवार फांदकर ही कालिया के भागने की जानकारी दी है।
मेन गेट पर कड़ी सुरक्षा, फिर भी किसी ने क्यों नहीं देखा
अगर कालिया मेन गेट से गया तो यहां कड़ी सुरक्षा के दावे किए जाते हैं। मेन गेट तक पहुंचने से पहले कई सिक्योरिटी चेक हैं। जेल के मेन गेट के अलावा जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
जेल में बंद हैं 40 आतंकी, कठघरे में सुरक्षा इंतजाम
जेल में इस वक्त 40 आतंकी बंद हैं। माफिया चंदन सिंह और पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का बेटा अमनमणि जैसे हाईप्रोफाइल बंदी भी हैं। ऐसे में कालिया ने जेल से फरार होकर सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस फरारी से बंदियों को अपनी सुरक्षा की फिक्र होने लगी है।
जेल ब्रेक की पहली घटना, सख्त कार्रवाई होगी
मामले पर एडीजी जेल देवेंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि जेल ब्रेक का यह पहला मामला सामने आया है। इससे पहले पुरानी जेल में करीब दस साल पहले एक फरारी हुई थी। जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया बंदी रक्षकों को निलंबित किया गया है लेकिन किसी अफसर की लापरवाही सामने आई तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।