बसपा सरकार के पूर्व मंत्री को खुद का रिश्तेदार बताकर एक महिला ने हाईकोर्ट के वकील से आठ लाख रुपये हड़प लिए।
सीतापुर की रहने वाली महिला कविता पाल ने वास्तुखंड गोमतीनगर निवासी वकील राकेश कुमार शुक्ला को रेलवे में टीटीई बनाने का झांसा देकर रकम हड़पी और राकेश को एक नियुक्ति पत्र भी थमा दिया।
कई महीने बाद नौकरी नहीं मिलने और नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चलने पर राकेश ने कविता से रकम लौटाने को कहा तो वह धमकाने लगी।
इस पर राकेश ने महिला के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर की। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
रेलवे विभाग में कही थी सेटिंग होने की बात
राकेश ने बताया कि कविता से उनकी मुलाकात करीब तीन साल पहले हुई थी। कविता ने स्वयं को बसपा सरकार के पूर्व मंत्री का रिश्तेदार बताते हुए रेल विभाग में अच्छी सेटिंग होने की बात कही।
उसने राकेश को रेलवे का शासकीय अधिवक्ता बनवाने का झांसा दिया, लेकिन इसके लिए कम से कम पांच साल की प्रैक्टिस होनी चाहिए थी, जबकि राकेश ने हाल ही में प्रैक्टिस शुरू की थी।
इस पर कविता ने राकेश को टीटीई की नौकरी दिलाने की पेशकश की और रुपये वसूलने शुरू कर दिए।
रिश्तेदारों की नौकरी लगवाने को दिए पैसे
राकेश का कहना है कि कविता ने उसे कोलकाता से जारी रेलवे विभाग का एक नियुक्ति पत्र भी दिया। राकेश ने डीआरएम लखनऊ के ऑफिस जाकर नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो वहां के लोगों ने इसे असली बताया।
बकौल राकेश, नियुक्ति पत्र सही बताए जाने के बाद उसने अपनी भतीजी और अन्य परिचितों को भी नौकरी दिलाने के लिए कविता को रुपये दिए।
कई महीने बीतने के बाद भी राकेश को नौकरी नहीं मिली। बाद में उन्हें नियुक्त पत्र भी फर्जी होने का पता चला। इस पर उन्होंने कविता से रुपये लौटाने को कहा तो वह गाली-गलौज और धमकी देने लगी।
वकील से मांगा गया ब्यौरा
राकेश ने बताया कि कविता उसे बातचीत के लिए हजरतगंज इलाके में बुलाती थी। यहीं पर उसने कविता को रुपये भी दिए थे। बीते दिनों पीड़ित अधिवक्ता ने हजरतगंज कोतवाली में शिकायत की।
इसके बाद बृहस्पतिवार को कविता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। सीओ हजरतगंज राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अधिवक्ता ने जो रुपये दिए हैं, उनका ब्यौरा मंगाया गया है।
नियुक्ति पत्र की भी कॉपी मंगाई गई है। उन्होंने कहा कि कविता के मोबाइल नंबर से कॉल डिटेल और लोकेशन निकाली जा रही है।