लखनऊ में सरोजनीनगर के मखदूमनगर बदालीखेड़ा निवासी प्राची तिवारी का बदमाशों ने अगवा कर लिया। वह पराग चौराहे पर स्थित डेंटल क्लीनिक पर काम करती थी। अगवा करने वाले बदमाशों ने व्हाट्सएप काल कर मुक्त करने केलिए दस लाख रुपये की फिरौती मांगी। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्राची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद युवती की तलाश शुरू की। तीन बजे युवती को कृष्णानगर इलाके के आजादनगर स्थित सहेली के आवास से पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस युवती से पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछताछ कर रही है।
थाना क्षेत्र के बदालीखेड़ा स्थित मखदूमनगर में रहने वाले सुनील तिवारी की बेटी प्राची तिवारी थाना क्षेत्र के पुरानी चुंगी स्थित एक निजी डेंटल क्लीनिक पर काम करती है। प्राची के भाई प्रणय तिवारी ने बताया कि बुधवार की दोपहर तकरीबन एक बजे प्राची ने उसे फोन कर 18 हजार रूपये मांगे थे। इसके बाद प्राची ने अपनी मां को कॉल कर उनसे भी रुपये मांगे तो उन्होंने देने से मना कर दिया। इसके बाद प्राची का मोबाइल बंद हो गया। आशंका होने पर प्राची का भाई क्लीनिक पर पहुंचा तो प्राची वहां भी नही थी। इसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन शुरू की लेकिन प्राची का कहीं कोई पता नही चला।
बदमाशों ने प्राची के ही मोबाइल नंबर से उसके माता-पिता से प्राची को छुड़ाने के लिए दस लाख रूपये की मांग की और फिरौती की रकम न देने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी। पीड़ित पिता की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लापता युवती की तलाश शुरू कर दी। सरोजनीनगर के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार आर्या ने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से लापता युवती की लोकेशन आशियाना थाना क्षेत्र में मिली। जिसके बाद थाने की टीम सक्रिय हुई और सर्विलांस के माध्यम से युवती के पास पहुंच गई।
पुलिस के गले नही उतर रही पीड़िता की थ्योरी
पुलिस सूत्रों की मानें तो सरोजनीनगर पुलिस सर्विलांस की मदद से युवती तक पहुंच गई। युवती को सकुशल बरामद करने के बाद जब पुलिस ने युवती से सहेली के घर तक पहुंचने के बारे पूछतांछ शुरू की तो वह कोई सही जवाब नही दे सकी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि युवती ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ता उसे रास्ते में छोड़कर फरार हो गये। जिसके बाद वह अपनी सहेली के घर पहुंची।