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किसान को दौड़ाकर गोलियां मारीं, सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस

Sat, 02 Apr 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पीजीआई और बंथरा थाने के बॉर्डर में शुक्रवार सुबह नौ बजे कमलापुर बिजनौर निवासी किसान सूरज पाल यादव (52) को बाइक सवार बदमाशों ने दौड़ाकर गोलियां मार दीं। सूरज पाल बाइक से कमांड अस्पताल में भर्ती बेटी पिंकी को देखने जा रहा था।
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इस बीच इठुरिया गांव में ब्रह्मबाबा के चबूतरे के पास दो बाइक से आए चार बदमाशों ने उसे रोका और असलहे निकालते हुए गाली-गलौज करने लगे। किसान का कहना है कि जान बचाने के लिए वह बाइक स्टार्ट करके भागा तो बदमाश पीछे लग गए और गोलियां चलाने लगे। दो गोली उसकी पीठ पर लगीं।

कुछ दूर मुख्य मार्ग पर आकर बेहोशी छाने लगी तो उसने बाइक छोड़ दी और ऑटो में बैठकर पीजीआई थाने पहुंचकर पुलिस को वारदात की जानकारी दी।

अधिकारियों ने निपटाया झगड़ा
पीजीआई थाने के पुलिसकर्मियों ने सूरज को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया तो उसके बंथरा थाना क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई। पीजीआई एसओ विनोद कुमार सिंह ने बंथरा एसओ संजय खरवार से संपर्क किया।
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दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल एक-दूसरे के थाना क्षेत्र में बताकर वारदात से पल्ला झाड़ने का प्रयास करने लगी।
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ऐसे सुलझाया मामला, जेल में बंद है किसान का बेटा

जानकारी पर अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला सुलझाया। छानबीन में घटनास्थल बंथरा थाना क्षेत्र का ही निकला। एएसपी पूर्वी शिवराम यादव के निर्देश पर बंथरा पुलिस को आगे की कार्रवाई करनी पड़ी।

दोहरे हत्याकांड में जेल में बंद है बेटा
सूरज पाल का बेटा गप्पू दोहरे हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद है। बीते वर्ष 17 अगस्त की रात सरोजनीनगर के बिजनौर बाजार में मौरंग-गिट्टी के ठेकेदार किशन चंद्र यादव और उसके बेटे दिलीप उर्फ बबलू की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि छोटा बेटा संदीप घायल हो गया था।

किशन के भाई विनोद ने कमलापुर के गप्पू यादव सहित बंथरा के गढ़ी चुनौती निवासी जिला पंचायत सदस्य शेर सिंह शेरा, अनूपखेड़ा के कुंदन यादव, कमलापुर के ज्ञानेंद्र और सरोजनीनगर के बिरहाना निवासी संजय के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट की थी।

पुलिस के मुताबिक, दिलीप व गप्पू प्रॉपर्टी का काम करते थे। इलाके में दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी। इसलिए पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई। वारदात के पीछे पुलिस इसी रंजिश को वजह मान रही है।
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हमले के पीछे कोई साजिश तो नहीं

सूरज पाल के साथ हुई घटना के पीछे पुलिस किसी साजिश की आशंका भी जता रही है। दोहरे हत्याकांड में उसका बेटा जेल में बंद है। दूसरे पक्ष की पैरवी की वजह से उसकी जमानत नहीं हो पा रही है।

पुलिस का मानना है कि पेशबंदी के तहत भी गोली मारने की वारदात कराई जा सकती है। सूरज पाल की पीठ पर दो गोली मारने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

पीजीआई एसओ का कहना है कि वह घटनास्थल से खुद चलकर थाना आया। इसके बाद पुलिस के साथ घटनास्थल तक गया। इस दौरान लगा नहीं कि उसे दो गोलियां मारी गई हैं।

डॉक्टरों की रिपोर्ट में सच सामने आ जाएगा। उधर, देर शाम तक सूरज पाल की तरफ से किसी पर आरोप लगाया गया न ही एफआईआर के लिए कोई तहरीर दी गई।
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