प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले फल विक्रेता की आठ साल की बेटी शनिवार रात आठ बजे घर से निकली थी। उसने पड़ोस में रहने वाले अपने नाना से कुछ देर बात की। इसके बाद मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने लगी।
बच्ची के रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने समझा कि कुछ दूरी पर मजलिस सुनने के बाद वह अपने नाना के घर चली गई होगी। माता-पिता अपने पांच अन्य बच्चों के साथ खाना खाकर सो गए। मां रविवार सुबह अपने पिता के घर पहुंची। वहां बच्ची नहीं मिली तो तलाश शुरू की। कुछ पता नहीं चला तो केस दर्ज कराया।
शव तक पहुंचना भी आसान नहीं था
झाड़ियों में फेंके गए बच्ची के शव तक पहुंचना आसान न था। इलाके के लोगों का कहना है कि पावरहाउस के पीछे मैदान में लड़के क्रिकेट खेल रहे थे। झाड़ियों में गिरी गेंद उठाने गए तो लड़की का शव देखा और शोर मचाया। भीड़ एकत्र होने लगी। एक व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। इस बीच बच्ची के परिजन आ गए, लेकिन पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) की टीम घंटा भर बाद पहुंची। आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया।
बच्ची के मामा का आरोप है कि सतखंडा चौकी के सिपाहियों ने थाने का रास्ता दिखा दिया। ठाकुरगंज थाने के गेट पर सादे कपड़ों में खड़े सिपाही ने फरियाद सुनने के बजाय सामने बाइक खड़ी करने को लेकर फटकार लगाई और बाइक के कागज छीन लिए।
एक वकील के हस्तक्षेप करने पर 150 रुपये लेकर बाइक छोड़ी। वहीं दूसरे सिपाही ने प्राथमिकी दर्ज करने के 30 रुपये मांगे। अपर पुलिस अधीक्षक ने आरोप की जांच कराकर दोषी सिपाहियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हमें मुआवजा नहीं, बच्ची का कातिल चाहिए
दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या से रोष के बीच कुछ लोगों ने रविवार को शव रखकर प्रदर्शन की तैयारी शुरू की। भीड़ बढ़ते देख आठ थानों की पुलिस के साथ पीएसी भी बुला ली गई। इस बीच एसएसपी मॉर्च्युरी पहुंचे। बच्ची के पिता के कंधे पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया।
आठ-दस लाख रुपये मुआवजा दिलाने के आदेश दिए। इस पर पिता फफक पड़ा, बोला कि साहब मुआवजा नहीं, हमें कातिल चाहिए। एसएसपी ने कातिल को सजा दिलवाने और महिला सम्मान प्रकोष्ठ की मदद से मुआवजा दिलाने का वादा किया।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम ने बताया कि कोल्डड्रिंक के एक गोदाम पर लगे कैमरे के फुटेज में बच्ची अपनी हमउम्र बच्चे के साथ खेलते नजर आई है।