चौक के भीड़ भरे सुभाष मार्ग पर मंगलवार को दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने 19 वर्षीय अनस अली कुरैशी की गोली मारकर हत्या कर दी। वह दोस्त शारिक के साथ बारावफात की खरीदारी कर बाइक से घर लौट रहा था कि तभी हत्यारों ने उसे रोक लिया। बीच सड़क पर बातचीत के दौरान एक बदमाश ने उसके सिर व गर्दन में गोली मार दी। वारदात के बाद तनाव की आशंका से कई थानों की फोर्स बुला ली गई। देर शाम परिवारीजनों ने दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। तहरीर में इलाके के रिजवान से हुए झगड़े का भी जिक्र किया है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि उसे हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
वारदात दोपहर करीब पौने दो बजे हुई। जनतानगरी निवासी अनस कैसरबाग की गोश्त की दुकान में काम करता था। दोपहर करीब एक बजे वह शारिक के साथ याहियागंज गया था। वहां से गुब्बारे-झंडियां आदि खरीदकर दोनों लौट रहे थे कि सुभाष मार्ग पर राम मंदिर के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने ओवरटेक कर रोका। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम ने बताया कि बदमाशों ने अनस से कुछ बातचीत की और आगे बढ़ गए। कुछ दूर चलने के बाद बदमाशों ने उसे फिर रोका और इस बार कहासुनी हो गई। इस पर बाइक में पीछे बैठे बदमाश ने तमंचा निकालकर अनस पर दो फायर कर दिए। इससे अनस और शारिक सड़क पर गिर पड़े। सैकड़ों लोगों के बीच गोली मारने से अफरा-तफरी मच गई।
लोग शोर मचाते हुए दौड़े तो बदमाशों ने तमंचा हवा में लहराते हुए दो फायर कर दहशत फैला दी, और भाग निकले। मौके पर पहुंची चौक और वजीरगंज थाना की पुलिस अनस को ट्रॉमा सेंटर ले गई, जहां उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया।
उधर, अनस की मौत की खबर से इलाके में तनाव फैल गया। ट्रॉमा सेंटर पर भीड़ एकत्र होने लगी। हालात गंभीर होते देख अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम के साथ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा, क्षेत्राधिकारी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी, क्षेत्राधिकारी कैसरबाग अमित कुमार राय, क्षेत्राधिकारी अलीगंज दीपक कुमार सिंह व सआदतगंज, नाका, बाजारखाला, कैसरबाग, तालकटोरा, अमीनाबाद समेत कई थानों की फोर्स बुलवा ली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो गोली मारे जाने की पुष्टि हुई है। आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय ने भी देर शाम घटनास्थल का निरीक्षण किया।
रिजवान से झगड़े पर मुहल्लेवालों ने की थी पंचायत
जिस रिजवान पर अनस के परिवारीजनों ने हत्या का शक जताया है, उससे दो महीने पहले झगड़ा हुआ था। अनस के घरवालों ने बताया कि रिजवान ने झगड़े के दौरान हत्या की धमकी दी थी। हालांकि, अनस के परिवारीजन मामला बढ़ाना नहीं चाहते थे इसलिए उन्होंने मुहल्ले के लोगों की पंचायत में मामला रफा-दफा करा दिया था।