फखरपुर (बहराइच)। खालिदपुर गांव निवासी एक व्यवसायी से फखरपुर पुलिस ने लखनऊ एसीजेएम कोर्ट से वारंट जारी होने की बात कहकर मामला निपटाने के लिए दो बार में आठ हजार रुपये ले लिए। व्यापारी जब लखनऊ न्यायालय गया तो उसके नाम से कोई वारंट नहीं जारी होने की जानकारी मिली। अब पुलिस उसकी दुकान व ट्रक की वीडियोग्राफी कराकर उसे परेशान कर रही है। इस पर व्यापारी ने एसपी को पत्र भेज शिकायत की है।
फखरपुर थाना अंतर्गत खालिदपुर गांव निवासी तौसीफ बेग कबाड़ का व्यवसाय करता है। एसपी को भेजे गए पत्र में तौसीफ ने कहा है कि फखरपुर थाने के सिपाही पिछले मंगलवार को उसकी दुकान पर आए और लखनऊ एसीजेएम कोर्ट से वारंट जारी होने तथा उसे गिरफ्तार करने की बात कही। इस पर परेशान व्यापारी ने ग्राम प्रधान नासिर बेग को बुलाकर बात की तो सिपाहियों ने समझौता करने को कहा। मामला निपटाने के लिए सिपाही ने चार हजार रुपये मांगे। ग्राम प्रधान की मौजूदगी में उसने रुपये पुलिस को दे दिए। इसके बाद वह दूसरे दिन सुबह लखनऊ गए और वकील को मुकदमे के बारे में बताया। इसके बाद दो बिंदुओं पर एसीजेएम कोर्ट लखनऊ से जानकारी ली तो किसी भी वारंट के नहीं जारी होने की बात पता चली। अब थाने की पुलिस दुकान पर जाकर वीडियोग्राफी करा रही है। वहीं उसके ट्रक को चोरी का बताकर परेशान कर रही है। इस पर भी पुलिसकर्मियों ने चार हजार रुपये ले लिए। अब पुलिस 50 हजार रुपये मामले को दबाने के लिए मांग रही है।
थाने पर भेज दीजिए हो जाएगा काम
कबाड़ व्यवसायी से वारंट के नाम पर आठ हजार रुपये वसूलने के मामले में जब अमर उजाला प्रतिनिधि ने फखरपुर एसओ अजीत वर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला जानकारी में आया है। पीड़ित ने अभी तक शिकायत नहीं की है। व्यापारी को थाने भेज दीजिए, मामला सुलझा देंगे। एसपी के पास जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।