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रजाई डालकर तेंदुए को पकड़ने की कोशिश, युवक को किया लहूलुहान

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हरदी (बहराइच)। सरयूपुरवा गांव में स्थित ग्रामीण के अहाते में बकरे को निवाला बना रहे तेंदुए को मवेशी मालिक ने रजाई ओढ़ाकर पकड़ने की कोशिश की। इस पर तेंदुए ने ग्रामीण पर हमला कर नोच डाला। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। तब किसी तरह जान बची। गंभीर हालत में ग्रामीण को जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया है। हालत नाजुक बनी हुई है। कछार क्षेत्र में पुन: तेंदुए की आमद व उत्पात से दहशत है। गांव के लोग घर से निकलने में कतरा रहे हैं। वनाधिकारियों ने मौके पर जांच करते हुए तेंदुए के हमले की पुष्टि की है।
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बहराइच वन प्रभाग के सरयू नदी के निकट स्थित कछार क्षेत्र में तेंदुए का उत्पात थम नहीं रहा है। अब तक मादा तेंदुआ समेत तीन तेंदुओं को पकड़कर चिड़िया घर लखनऊ भेजा गया है। लेकिन अभी भी तेंदुए कछार क्षेत्र से निकलकर हमला कर रहे हैं। मंगलवार रात ग्राम पंचायत रेहुआ मंसूर अंतर्गत सरयूपुरवा निवासी कुन्ने (32) पुत्र गोमती अहाते में मवेशियों की निगरानी करने पहुंचे तो तेंदुआ बकरी को निवाला बनाते दिखा। उन्होंने तेंदुए के ऊपर रजाई फेंक कर उसे दबोचने की कोशिश की। इसी दौरान तेंदुए ने हमला कर कुन्ने को नोच कर लहूलुहान कर दिया। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। तब किसी तरह जान बच सकी। तेंदुआ दीवार फांदकर गन्ने के खेत में चला गया। रात में ही कुन्ने को जख्मी हालत में सीएचसी महसी पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। घटना की सूचना पाकर सदर क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी डीके सिंह ने क्षेत्रीय वन दरोगा की अगुवाई में टीम मौके पर भेजी है। टीम ने तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि हमले की सूचना मिली है। क्षेत्र में तीन टीमों को गश्त के लिए लगाया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो ग्रामीणों के साथ कांबिंग कर पुन: पिंजरा लगाया जाएगा।
10 से 12 किलोमीटर रेंज में विचरण कर रहे दो तेंदुए
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि अब तक शावक समेत तीन तेंदुए पकड़े गए हैं। लेकिन अभी भी कम से कम दो तेंदुओं के क्षेत्र में होने का अनुमान लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10 किलोमीटर परिक्षेत्र में यह तेंदुए विचरण कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व चेतरा गांव में भी तेंदुआ निकलने की सूचना मिली थी। वहां भी कॉम्बिंग करवाई जा रही है।
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शिकाकाई का जंगल है प्राकृतिकवास
वन क्षेत्राधिकारी डीके सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट सेंक्चुरी की दूरी तो लगभग 90 किलोमीटर के आसपास है। लग रहा है कि मादा तेंदुआ सेंक्चुरी से भटक कर क्षेत्र में पहुंची होगी। यहां सरयूू के कछार में मुकेरिया गांव से दो किलोमीटर की दूरी पर शिकाकाई का जंगल है। पास में नाला बहता है। यह स्थान तेंदुए के प्राकृतिक वास जैसा है। शायद इसी लिए तेंदुओं ने शिकाकाई के जंगल को प्रवास स्थल बना लिया था।
अब तक ये बने तेंदुए का निवाला
03 सितंबर 2016- चाईनपुरवा गांव निवासी मदन पाल की बेटी को तेंदुए ने निवाला बनाया
15अक्तूबर 2016 से 08 मई 2017 के मध्य मुकेरिया निवासी बृजनरायन, छोटकऊ, लालता प्रसाद समेत आठ ग्रामीणों के बछड़े व बकरियां तेंदुए का निवाला बनीं। 21 जुलाई 2017- मुकेरिया निवासी 08 वर्षीय संजय को तेुंदुए ने शिकार बनाया
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