फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूढ़ी मां के पास नहीं थी संपति तो कर दी हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
पुत्र, पौत्र व बहू पर सोते समय बुजुर्ग महिला का गला रेतने का आरोप, तीनों पर हिरासत में
विज्ञापन

रामपुर कलां/सरैंयां (सीतापुर)। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने अपनी सौतेली मां कैकेयी के कहने पर राजपाठ त्याग कर वनवास को स्वीकार कर लिया था। तमाम कष्ट सहे, लेकिन उफ तक नहीं किया। दूसरी तरफ इस कलियुग में अपने ही खून ने बूढ़ी लाचार मां का कत्ल इसलिए कर दिया, उसके पास कोई संपत्ति नहीं थी।

गुरुवार को रामपुर कलां थाना क्षेत्र में ऐसी ही वारदात देखने को मिली। जहां बुधवार की रात घर में सो रही एक बुजुर्ग महिला की उसके ही पुत्र, पौत्र व बहू ने गला रेतकर हत्या कर दी। महिला का शव सुबह तख्त पर पड़ा मिला। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल बरामद कर लिया है।
विज्ञापन


थाना क्षेत्र के ग्राम भदेसिया निवासी मोतीलाल की पत्नी बिट्टो देवी (65) सोहनलाल के घर रहती थी। बुधवार रात बिट्टो घर में सो रही थी। इसी बीच धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई। गुरुवार की सुबह होने पर गांव के लोगों को इसकी जानकारी हो सकी। बिट्टो का शव कमरे में तख्त पर पड़ा हुआ था।

सूचना मिलते ही एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह व सीओ उदय प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के संबंध में बिट्टो की छोटी बहू राकेश की पत्नी रचना देवी ने अपने जेठ सोहनलाल, सोहनलाल के पुत्र बबलू व बबलू की पत्नी पूनम देवी के खिलाफ रामपुर कलां थाने में तहरीर दी और जेठ व उसके पुत्र तथा बहू पर हत्या का आरोप लगाया।

सीओ ने बताया कि छोटी बहू के आरोप के आधार पर जब जांच की गई, तब हत्या के रहस्य से पर्दा उठ गया। इस मामले में पूनम के वे कपड़े बरामद कर लिए गए हैं, जो उसने हत्या की वारदात को अंजाम देते वक्त पहने थे। आलाकत्ल भी बरामद कर लिया गया है। सीओ ने बताया कि बुजुर्ग महिला सोहनलाल के घर ही रहती थी, उसके पास कोई संपत्ति नहीं थी।

यह बात पुत्र व बहू को अखर रही थी। जिन्होंने बुजुर्ग महिला की सेवा करने से छुटकारा पाने के लिए उसकी हत्या कर दी। सीओ ने बताया कि मृतका की छोटी बहू की तहरीर पर सोहनलाल, बबलू व पूनम देवी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। तीनों को हिरासत में ले लिया गया है।

तीन पुत्रों के बीच बंट गया सुख-चैन, अंत में मिली दर्दनाक मौत
रामपुर कलां/सरैंया। भदेसिया गांव निवासी मोतीलाल व बिट्टो ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि जिन संतानों के जन्म पर वे इतने खुश हैं। जिनकी परवरिश को लेकर वे रात दिन एक किए हुए हैं। वही संतान एक दिन उनका सुख-चैन छीन लेगी। कोई पुत्र इतना भी क्रूर निकल जाएगा, जो महज संपत्ति न होने पर ही कत्ल कर देगा।

मोतीलाल व बिट्टो ने तीन पुत्र हैं। ये तीनों पुत्र सोहनलाल, शंकर व राकेश हैं। जब तक मोतीलाल जवान था, तब तक उसने अपने बच्चों की परवरिश के लिए रात दिन एक कर दिया। लेकिन जब मोतीलाल व बिट्टो पर बुढ़ापा आया, तो बच्चों के लिए माता-पिता ही बोझ बन गए।

बताते हैं कि भाइयों ने बंटवारा किया तो पिता की परवरिश की जिम्मेदारी शंकर पर छोड़ दी। जबकि मां की परवरिश की जिम्मेदारी सोहनलाल के हिस्से में आई। छोटा बेटा राकेश मजदूरी करने के लिए लखनऊ गया था। बेटों ने मां व बाप को अलग-अलग कर उनका सुख-चैन तो छीन ही लिया था, लेकिन अभी उनकी दुर्दशा होनी बाकी थी।
विज्ञापन


यही वजह रही कि सोहनलाल को अपनी ही मां बोझ लगने लगी। मां के पास प्रॉपर्टी नहीं थी, इसलिए दो वक्त की रोटी देना उसे बोझा महसूस हो रहा था। नतीजा बेटे ने ही मां के लिए भयावह प्लान बना डाला। जिसके बाद बेटे ने अपने पुत्र व बहू के साथ मिलकर अपनी ही उस बुजुर्ग मां को मौत के घाट उतार दिया, जो चलने, बोलने में लाचार थी।

आज मां का शव पड़ा था, तो सोहन व उसके बहू बेटे पुलिस हिरासत में थे। गांव का जो भी व्यक्ति देख रहा था, वह सोहन व उसके पुत्र तथा बहू को लानत भेज रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें