एक साल से नहीं हटाया गया स्कूल में लगा खंभा
क्रासर
नोडल अधिकारी के आदेश पर अमल होता तो बच जाती अंजली की जान
फोटो नंबर 18
अमर उजाला ब्यूरो
सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। पॉवर कार्पोरेशन अगर नोडल अफसर का आदेश मानकर बिजली का खंभा स्कूल से हटा लेता तो आज शायद अंजली जिंदा होती। परिषदीय विद्यालय तेतारपुुर का वर्ष 2017 में जिले की नोडल अधिकारी अनीता भटनागर जैन ने निरीक्षण किया था। उस समय उनको विद्यालय परिसर में लगा विद्युत पोल अखरा था। उन्होंने इससे खतरे की आशंका जताते हुए तत्काल हटाने का आदेश विभाग के अधिकारियों और तत्कालीन बीईओ को दिया था। मगर बीईओ और बिजली विभाग के अधिकारी लापरवाही बरतते रहे और बृहस्पतिवार को ये हादसा पेश आया।
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बीईओ पर कार्रवाई से शिक्षकों में रोष
सिरौलीगौसपुर। विद्यालय में छात्रा की मौत के मामले में बीईओ पर की गई कार्रवाई स्थानीय शिक्षकों के गले नहीं उतर रही है। शिक्षकों में रोष है कि हादसे के लिए बिजली महकमा कहीं अधिक जिम्मेदार है और अगर खंभा पहले ही हटा दिया जाता तो ये नौबत नहीं आती। कार्रवाई तो पावर कार्पोरेशन के खिलाफ होनी चाहिए।
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दोस्ती की खातिर गांव के स्कूल में नहीं पढ़ती थी अंजली
गांव में प्राथमिक विद्यालय होने के बाद भी दो किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अंजली पैदल पढ़ने जाती थी। उसके साथ कक्षा में दो पढ़ने वाली उसकी बहन कंचन भी जाती थी। अंजली की मौत के बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले करौरा गांव के बच्चों का कहना था कि उनके साथ के लिए अंजली गांव के विद्यालय की बजाय यहां पर पढ़ने आती थी।
वर्जन
इंटरवल के समय एमडीएम के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय गई कक्षा तीन की छात्रा अंजली की करंट लगने से मौत हुई है। इस मामले में प्रथम दृष्टया बीईओ की लापरवाही सामने आई है जिस पर उन्हें कार्यालय से सम्बद्व किया गया है। पीड़ित परिवार को एसडीएम द्वारा एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर आए थे। वह भी अपने उच्चाधिकारियों से बात कर जो संभव मदद होगी करेंगे। हालांकि अभी इस मामले की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
बीपी सिंह
बीएसए बाराबंकी।