मटेराचौराहा (बहराइच)। हरिद्वार में एक जालसाज ने कोतवाली नानपारा क्षेत्र के तीन किशोरों को नौकरी का झांसा देकर रुड़की में एक व्यक्ति को बेच दिया। मजदूरी मांगने पर व्यापारी ने किशोरों को खरीदने की बात कही। इससे सकते में आए दो किशोर रात में वहां से भाग निकले और घर वालों को आप बीती बताई। इसके बाद रुड़की में फंसे तीसरे किशोर के पिता ने नानपारा पुलिस को तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने दोनों बच्चों के बयान लेकर जांच शुरू कर दी है। उत्तराखंड पुलिस से भी संपर्क साधा गया है। पुलिस की मानें तो तीनों किशोर 20 दिन पूर्व घर से भागकर दिल्ली गए थे। वहां काम न मिलने पर उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंच गए। जहां अंजान व्यक्ति से मुलाकात हुई। जिसने तीनों का शौदा कर दिया।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत एक गांव निवासी तीन किशोर 20 दिन पूर्व नौकरी की तलाश में दिल्ली गए थे। लेकिन वहां दो दिन भटकने के बाद भी काम नहीं मिला। इस पर किशोर काम की तलाश करते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंच गए। हरिद्वार में एक व्यक्ति तीनों किशोरों को मिला। उसने बेहतर नौकरी दिलाने की बात कही। झांसे में आकर किशोर युवक के साथ चल पड़े। लेकिन उसका नाम-पता नहीं पूछा। अंजान व्यक्ति ने तीनों किशोरों को रुड़की ले चलने की बात कही। हरिद्वार से 35-35 रुपये का बस का टिकट लिया। लेकिन बीच रास्ते में ही युवक किशोरों के साथ उतर गया। वहां एक गांव में पहुंचकर उन्हें अशफाक नामक व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया। 15 दिन काम करने के बाद किशोरों ने अपना पैसा मांगा तो मालिक अशफाक ने उन्हें खरीदने की बात कही। इस पर सभी सकते में आ गए। अज्ञात आशंका से ग्रसित दो किशोर किसी तरह मंगलवार रात को भाग निकले। बुधवार दोपहर बाद घर पहुंचकर आपबीती सुनाई तो परिवार के लोग सन्न रह गए। लेकिन भागकर घर पहुंचे किशोरों का साथी अभी भी मालिक के कब्जे में है। घर पहुंचे किशोर काफी दहशत में है। तीसरे किशोर के पिता ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे ने बताया कि बच्चों के बयान लेकर हलका दरोगा दिग्विजय यादव को जांच सौंपी गई है। उत्तराखंड पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। शीघ्र ही तीसरे किशोर को भी मुक्त कराया जाएगा।
फार्म हाउस पर रखकर कटवाते थे गन्ना, खाना मांगने पर थे मारते
किसी तरह भागकर घर पहुंचे किशोरों ने बताया कि तीनों साथियों को फार्म हाउस पर बंधक की तरह रखा जाता था। दो लोग निगरानी करते थे। गन्ना कटवाने का काम लिया जा रहा था। गन्ना काटने के बहाने मंगलवार सुबह दो साथी भाग निकले। दोनों का कहना है कि गन्ने के खेतों से होते हुए वह किसी तरह मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से ट्रेन पकड़कर बिना टिकट लखीमपुर आए। फिर एक ट्रक चालक की सहायता से मटेरा पहुंच सके।