5 साल में चलने लगेंगी चीनी निगम की बंद पड़ी 10 मिलें
बाराबंकी स्थित बुढ़वल चीनी मिल भी होगी संचालित
सीएम योगी ने तैयार कराया ब्लू प्रिंट, गन्ना मंत्री ने की सघन समीक्षा
2 मिलों को चलाएगी सरकार, 3 को लंबी लीज पर देने की तैयारी
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अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य चीनी निगम की बंद पड़ी सभी 10 चीनी मिलों को पांच साल में फिर से संचालित करने का ब्लू प्रिंट तैयार कराया है। शुक्रवार को गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने उनके ब्लू प्रिंट के आधार पर चीनी निगम की एक-एक मिल की सघन समीक्षा की। कहा कि मुंडेरवा और पिपराइच को फिर से प्रारंभ करने का फैसला लेकर निगम को पुनर्जीवित करने की शुरुआत हो चुकी है। तीन मिलों को निजी निवेशकों को लंबी लीज पर देकर संचालित किया जाएगा।
गन्ना किसान संस्थान के सभागार में सुरेश राणा ने निगम के एमडी व बंद पड़ी चीनी मिलों के अधिकारियों के साथ लगभग घंटे समीक्षा की। निगम की 10 संचालित और 11 बंद मिलों को मायावती सरकार में बेच दिया गया था। शेष 10 मिलें बंद पड़ी हुई हैं। इनमें पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (बस्ती) को संचालित करने की घोषणा मुख्यमंत्री कर चुके हैं। दोनों 3500 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता की नई चीनी मिल, कोजन और डिस्टलरी की स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। गन्ना मंत्री ने कहा कि बुढ़वल (बाराबंकी), छाता (मथुरा) और नन्दगंज (गाजीपुर) को इंटीग्रेटेड कांप्लेक्स के रूप में विकसित करने के लिए निजी निवेशकों को 30 साल की लंबी लीज पर दिया जाएगा। इसके लिए इच्छुक लोगों को 12 जून को गन्ना आयुक्त कार्यालय में बुलाया गया। एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट के बाद टेंडर डाक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। कैबिनेट में इसका अनुमोदन कराकरनिविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
राणा ने कहा कि अगले सालों में बंद पड़ी महोली (सीतापुर), नवाबगंज (गोंडा), घाटमपुर (कानपुर), रामपुर और मलियाना (मेरठ) मिलों का संचालन भी कराया जाएगा। इन सभी का ब्लू प्रिंट तैयार करा लिया गया है। उन्होंने एक-एक मिल में गन्ने की संभावित उपलब्धता, मिल के क्षेत्रफल, जमीन पर कब्जे व विवाद की स्थिति, प्रस्तावित कार्ययोजना अनुमानित व्यय और मिलें चलने से प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रोजगार और लाभान्वित होने वाले किसानों को लेकर चर्चा की। बंद मिलों में मेरठ, घाटमपुर और रामपुर की भूमि पर कुछ विवाद हैं। अन्य मिलों में कोई विवाद नही है। सभी में नए प्लांट या इंटीग्रेटेड कांप्लेक्स के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। गन्ना मंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं के प्रति मुख्यमंत्री की सक्रियता और प्राथमिकता को देखकर कहा जा सकता है कि चीनी निगम के बुरे दिन समाप्त हो गए हैं, शीघ्र ही अच्छे दिन आने वाले हैं।