मुठभेड़ में आठ वाहन चोर गिरफ्तार
बलरामपुर। उतरौला कोतवाली पुलिस ने लग्जरी कारें चोरी करके नेपाल में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों में से एक नगराम के जवाहर सिंह का पुरवा गांव निवासी राहुल उर्फ विवेक सिंह है।
उनके पास से लखनऊ के एक कार कंपनी के शोरूम से उड़ाई गई लग्जरी कार समेत पांच कारें बरामद हुई हैं। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी करने पर बदमाशों ने भागने के लिए फायरिंग की जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं।
एसपी अमित कुमार ने शुक्रवार को वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि प्रभारी निरीक्षक उतरौला कोतवाली संतोष कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग नेपाल में लग्जरी कारों को बेचने की फिराक में हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गुमड़ी जंगल स्थित पुल के निकट अपना जाल बिछाया। पुलिस की जाल में फंसने से पहल चोरी की कार चला रहे चालक ने पुलिस पर तमंचे से फायर किया। घटना में कोई भी पुलिस कर्मी घायल नहीं हुआ। सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने सभी चोरों को मौके पर ही धर दबोचा।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अचारपुरवा थाना इकौना श्रावस्ती निवासी मंगलेश उर्फ रंजीत, लखनऊ के नगराम का राहुल उर्फ विवेक सिंह, गोसाईगंज लखनऊ का अजीत वर्मा, नगराम लखनऊ का बब्लू उर्फ मनीष सिंह, मठाकुरगंज लखनऊ निवासी हामिद, ठाकुरगंज लखनऊ निवासी दीपक चौरसिया, जवाहर नगर कोतवाली उन्नाव निवासी वकार अहमद तथा महमूदाबाद सीतापुर निवासी वकील अहमद उर्फ वसीम के रुप में हुई है।
पूछताछ में चोरों ने बताया कि सभी चोरी की गाड़ियां है जिन्हें बेचने के लिए नेपाल ले जा रहे थे। चोरों के पास से एक अवैध असलहा व कारतूस भी बरामद किया गया है। तीन वाहनों को चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के साथ की गई है।
लखनऊ निवासी मानवेंद्र सिंह ने एसपी को बताया कि उनका लखनऊ-अयोध्या रोड पर लग्जरी वाहनों का शोरूम है जिसमें सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। चोरी के दौरान एक चोर का फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैप्चर हुआ था।
एसपी ने मामले में अग्रिम कार्रवाई करने का भरोसा शोरूम मालिक को दिलाया है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
वाहन चोरी के खुलासे में दो वाहनों का नंबर समान पाया गया है। यूपी 32 एचएफ 8900 की दो फारच्यूनर जिनका चेचिस नंबर अलग अलग है चुराई गई थी। तीन वाहनों में लखनऊ के नंबर, एक वाहन में कानपुर का नंबर और एक बिना नंबर का वाहन पकड़ा गया है। सभी वाहनों का पुलिस ने जब्त कर लिया है।
पूछताछ के दौरान चोरों ने बताया कि वह शो रूम व वर्कशाप के आसपास पहले गाड़ियों की चाभियां चोरी कर लेते थे। बाद में गाड़ी को ट्रेस कर पार कर देते थे। लखनऊ तथा फैजाबाद आदि शहरों में शो रूम तथा वर्कशाप के बाहर अक्सर वाहन स्वामी चाभी लगी गाड़ी छोड़कर चले जाते थे।
बाद में शोरूम के ड्राइवर व कर्मचारी जरूरत के मुताबिक गाड़ियों को यथास्थान खड़ी करते थे। गिरोह के सदस्य शो रूम तथा वर्कशाप के आस पास मंडराते रहते थे। यह लोग पहले गाड़ी की चाभी पार कर देते थे।
विवाद आदि से बचने के लिए शो रूम व वर्कशाप के लोग वाहन स्वामी को डुप्लीकेट चाभी दे देते थे। वाहन स्वामी को यह नहीं पता होता था कि उनके गाड़ी की ओरिजिनल चाभी चोरी हो गई है।
यह लोग गाड़ी को ट्रेस करते रहते थे। एक गिरोह इन चोरों से वेरायटी के अनुसार गाड़ियों की डिमांड करता था। एक सप्ताह के अंदर यह लोग चोरी की गई चाभी से गाड़ी उठाकर सप्लाई कर देते थे। यही नहीं यह लोग कलर स्कैनिंग के माध्यम से गाड़ी का फर्जी कागज भी मुुहैया करा देते थे।