तीन बैंकों का 90 लाख रुपये हड़पने वाला कारोबारी गिरफ्तार
जाली दस्तावेज पर लिया था लोन, ओरियटंल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा को लगाई चपत
पुलिस नहीं कर रही थी कार्रवाई, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। मलिहाबाद पुलिस ने जाली दस्तावेज के सहारे तीन बैंकों से 90 लाख रुपये लोन लेने वाले कारोबारी मो. जफर को रविवार को महानगर के गोल मार्केट से दबोच लिया। तीन बैंकों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की।
प्रभारी निरीक्षक मलिहाबाद सियाराम वर्मा के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा मलिहाबाद शाखा के प्रबंधक कन्हैया चौरसिया ने अगस्त 2018 में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया था। बैंक प्रबंधक के मुताबिक, विकासनगर के सेक्टर-6 निवासी मो. जफर की आदर्श बजाज के नाम से फर्म है। एक मकान के दस्तावेज के आधार पर बैंक ने 30 लाख का लोन जफर व उसके सहयोगी भगवान सिंह रावत को दिया था। मासिक किस्त जमा न करने पर बैंक ने कई बार नोटिस भेजा, लेकिन कारोबारी पर कोई असर नहीं हुआ। इस पर बैंक ने पड़ताल कराई तो सामने आया कि जमानत पर रखे मकान के दस्तावेज फर्जी हैं। बैंक प्रबंधक ने मलिहाबाद थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। कहीं भी सुनवाई न होेने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
दो अन्य बैंकों से कराया था 60 लाख का लोन
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, जफर ने 56.60 वर्ग मीटर का मकान गिरवी रख यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया अलीगंज शाखा से कारोबार के लिए 40 लाख का लोन कराया था। इस दौरान बैंक को बताया था कि गिरवी रखे मकान को 2004 में भगवान सिंह रावत से खरीदा है। किस्तों का भुगतान न करने व नोटिस का जवाब न देने पर बैंक ने खाते को एनपीए में परिवर्तित कर दिया। बैंक प्रबंधक ने अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसी तरह जालसाज करोबारी ने ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की चिनहट शाखा से 20 लाख का लोन कराया था। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, जालसाज को जेल भेज दिया गया है।