छात्र ने खुद पर केरोसिन डाल लगाई आग, मौत
गोंडा। शहर से सटे तिवारी पुरवा गांव में शुक्रवार की सुबह 9वीं के एक छात्र ने अपने घर के एक कमरे में केरोसिन डालकर खुद को आग के हवाले कर दिया। कमरे का दरवाजा तोड़कर परिवार के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया। मगर उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शहर से सटे तिवारी पुरवा के रहने वाले हार्डवेयर व्यापारी आद्या प्रसाद नागवंशी ने बताया कि उनका बेटा विकास नागवंशी (14) शहर के सरकुलर रोड के समीप स्थित एम्स इंटरनेशनल स्कूल में 9वीं का छात्र था। आद्या के मुताबिक विकास के स्कूल में 19 नवंबर को वार्षिकोत्सव था।
जिसमें उनका बेटा भी गया था। उसके बाद से वह स्कूल जाने से बचता रहा। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि वह स्कूल क्यों नहीं जाना चाहता है। आद्या ने बताया कि समझाने के बाद विकास दो दिन स्कूल गया, लेकिन उसके बाद फिर उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। आद्या ने बताया कि शुक्रवार को विकास का टेस्ट था, उसके स्कूल जाना था।
मगर वह सुबह सोकर उठा तो घर के पास ही नए मकान में अपने बड़े भाई दीपू के पास गया था। वहां भतीजे के साथ खेल रहा था। दीपू ने उसे समझाया कि टेस्ट है, स्कूल जाना जरूरी है, वह स्कूल जाने को तैयार भी हुआ।
इसी बीच वह घर पहुंचा और मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में पहुंचा। वहां कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करने के बाद खुद पर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। दरवाजा बंद होने पर विकास की मां दौड़ती हुई दीपू के पास पहुंची और उसे दरवाजा बंद करने की बात बताई।
दीपू समेत परिवार के अन्य लोग दौड़कर दूसरी मंजिल पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा गया। मगर तब तक देर हो चुकी थी विकास आग की लपटों में जल रहा था, उसे बचाने का प्रयास किया गया। मगर उसकी मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आद्या प्रसाद नागवंशी ने कोतवाली नगर में तहरीर दी है। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक अशोक सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
आखिर विकास के साथ वार्षिकोत्सव में ऐसा क्या हुआ....
गोंडा। आखिर एम्स इंटरनेशनल स्कूल में 19 नवंबर को आयोजित वार्षिकोत्सव में विकास के साथ ऐसा क्या हुआ, जिसने विकास को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया। वार्षिकोत्सव से लौटने के बाद विकास स्कूल जाने से कतराने लगा था। मगर उसने न तो परिवार के लोगों को कुछ बताया और न ही मित्रों को। मगर विकास के साथ ऐसा कुछ जरुर हुआ, जिससे वह दिनो-दिनों घुटता रहा और आत्महत्या कर लिया।
चार भाइयों में सबसे छोटा था विकास
गोंडा। चार भाइयों में सबसे बड़ा दीपक नागवंशी उससे छोटा हिमांशु नागवंशी, सुशील नागवंशी के साथ सबसे छोटा विकास था। सभी भाईयों को दुलारे विकास की मौत से परिवार के सभी लोगों का रो-रोकर हाल बेहाल है। विकास के पिता आद्या बेटे की मौत से टूट गए हैं, मां मंजू नागवंशी विकास का नाम लेकर बेसुध हो रही है।