नेताओं और अधिकारियों के संरक्षण में फलता-फूलता अवैध खनन
गोंडा। जिले में अवैध खनन को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की कार्रवाई से अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। खनन के मामले में जिले का इतिहास बहुत बदनुमा है। एनजीटी में भी अभी अवैध खनन की सुनवाई चल रही है। तहसील क्षेत्रों में खनन माफियाओं ने अफसरों से मिलीभगत कर अवैध खनन में बड़े बड़े खेल किये।
ठेकेदारों को जहां खनन का पट्टा मिला था उन्होंने वहां के बजाए दूसरे जमीन में खनन किया। बताया जाता है कि जब मौका देखा तो खनन कराने वालों ने अधिकारियों से साठगांठ करके एक पट्टे की आंड़ में दूसरे जमीन में खनन कर डाले। तरबगंज तहसील क्षेत्र में सोनौली मोहम्मदपुर में बालू खनन का गाटा संख्या 9725 का पट्टा किया गया था लेकिन खनन करने वालों ने गाटा संख्या 2776, व गाटा संख्या 567 में खनन कर लिया। इसी तरह से अयलीपरसौली में गाटा संख्या 2826 का पट्टा हुआ था।
इनसेट
कहां कहां चल रहा अवैध बालू खनन का खेल
* चंदापुर वजीरगंज, * करनीपुर तरबगंज, * अयली परसौली, * सोनौली मोहम्मदपुर, * पहाड़ापुर, * बहादुरपुर परास तरबगंज।
सदर विधायक ने उठाया था अवैध खनन का मुद्दा
सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने हाल ही में जिले में हो रहे अवैध बालू खनन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बालू खनन के खेल में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर भी मिली भगत का आरोप मढ़ा था। उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों के अलावा शासन में की थी।
सिर मुड़ाते ही ओले पड़े
गोंडा। कई अफसरों पर नई तैनाती मिलते ही कार्रवाई हो गई। इनपर सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने वाली कहावत सटीक बैठ रही है। करनैलगंज के एसडीएम नन्हें लाल मुख्यालय पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट थे उन्हें चार दिन पहले करनैलगंज में तैनाती मिली थी।
जबकि तरबगंज के एसडीएम अमरेश मौर्या इससे पहले मनकापुर तहसील में तैनात रहे वह भी चार दिन पहले तरबगंज के एसडीएम की कुर्सी संभाली थी। इसके अलावा नवाबगंज के एसओ वेदप्रकाश श्रीवास्तव व करनैलगंज के एसएचओ सदानन्द सिंह को हाल ही में तैनाती मिली थी। लेकिन इनके क्षेत्र में क्या चल रहा है इस पर व्यापक छानबीन न कर पाने से शासन के कार्रवाई का कोपभाजन बन गये।
एडीएम ने की छापेमारी
गोंडा। अवैध बालू खनन के मामले में अखबार में खबर छपने व शासन की ओर से जांच पड़ताल किये जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। अपर जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र ने तरबगंज के असली परसौली व सोनौली मोहम्मदपुर के अलावा कई अन्य बालू खनन स्थलों पर छापेमारी की।
उन्होंने खनन में लगे कमयों से पूछताछ कर जानकारी ली। कई जगह पर रेट बोर्ड न लगा होने पर नाराजगी जतायी। इस बावत एडीएम रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।