अंसपादित
विशेष ध्यानार्थ - गोरखपुर और प्रयागराज
सलाखों के पीछे रहकर कारोबारी से 75 लाख ऐंठ चुका था अतीक
- जेल में पीटकर गुर्गों के नाम कराई कंपनी, बेटे व साथियों की तलाश में दबिशें
- देवरिया जेल में माफियाराज की गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जांच
- कारोबारी रिश्ते बनने पर जेल में अक्सर मुलाकात करने जाता था पीड़ित
- लखनऊ पुलिस भी माफिया डान से करेगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। देवरिया जेल में बंद माफिया अतीक अहमद अपने बेटे व गुर्गों से गोमतीनगर इलाके के रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को डरा-धमकाकर 75 लाख रुपये वसूल चुका था। हाथ खींचने पर उसने मोहित को गुर्गों से अगवा कराया और जेल में बंधक बनाकर यातनाएं दीं। पिटाई के साथ अंगुलियां तोड़ डाली और कंपनी अपने गुर्गों के नाम कराकर उसे घर के बाहर फेंकवा दिया था। दो थानों की पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने अतीक के बेटे उमर व गुर्गों की तलाश में प्रयागराज में उनके ठिकानों पर दबिश दी। वहीं, अपर पुलिस महानिदेशक कारागार ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी। इसमें मोहित व अतीक के बीच कारोबारी रिश्ते व जेल में अक्सर मुलाकात की बात सामने आई है। वहीं, लखनऊ पुलिस भी देवरिया जेल जाकर माफिया डान अतीक अहमद से पूछताछ करेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने जानकारी दी कि गोमतीनगर में रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल की तहरीर पर कृष्णानगर थाने में पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके बेटे उमर, गुर्गे फारूक, जकी अहमद, जफर उल्लाह, गुलाब सरवर आदि के खिलाफ लूट, गुंडा टैक्स वसूलने व अन्य संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। संगठित अपराध का मामला सामने आने पर कृष्णानगर व सरोजनीनगर थाना प्रभारी व क्राइम ब्रांच की टीम गठित करके धरपकड़ शुरू कराई गई। टीम ने गुलाम मुइनुद्दीन व इरफान को शनिवार को गिरफ्तार करके मोहित से लूटी एसयूवी बरामद की। इसके बाद टीम ने फरार उमर और उसके साथियों की तलाश में प्रयागराज के चकिया इलाके में संभावित ठिकानों पर दबिश दी है।
जेल में अंगुलियां तोड़कर गुर्गों के नाम कराई कंपनी
आलमबाग के विशेश्वरनगर निवासी मोहित जायसवाल का गोमतीनगर के विराट खंड में रीयल एस्टेट कारोबार है। मोहित का कहना है कि पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद ने दो साल पहले गुर्गों के जरिये उगाही के लिए धमकाया था। रकम ऐंठने के बाद कुछ दिनों तक मामला शांत रहा। चार महीने से अतीक के गुर्गे फारूख और जकी अहमद फिर से रंगदारी मांगने लगे। उन्होंने 75 लाख रुपये ऐंठने के बाद मोहित के ऑफिस पर कब्जा जमाने के साथ कंपनी अपने नाम कराने को धमकाना शुरू किया। दोनों गुर्गे 26 दिसंबर को उसे डरा-धमकाकर देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद के पास ले गए। वहां अतीक, उसके बेटे उमर और गुर्गों ने बेतहाशा पीटा। अंगुलियों की हड्डियां तोड़ डालीं। इसके बाद मोहित से उसकी कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्राग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड और एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारूख और जकी अहमद के नाम स्थानांतरित करने के दस्तावेज पर दस्तखत कराए। प्रताड़ना के चलते मोहित को कंपनी में साझीदार अपनी बहन आरती जायसवाल के भी दस्तखत बनाने पड़े। इसके बाद गुर्गों ने मोहित को अपनी गाड़ी से घर के बाहर ले जाकर छोड़ दिया। उसकी एसयूवी लूट ली गई। मोहित ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। इस पर प्राथमिकी दर्ज करके गुलाम मोइनुद्दीन और इरफान को गिरफ्तार किया गया।
जेल में अतीक से अक्सर मुलाकात करता था मोहित
मामला सामने आने पर अपर पुलिस महानिदेशक कारागार चंद्र प्रकाश ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जांच सौंपी है। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मोहित जायसवाल और अतीक अहमद के बीच कारोबारी रिश्ते सामने आए हैं। मोहित जेल में बंद अतीक से अक्सर मुलाकात करने जाता था। अतीक द्वारा जेल में मोहित को यातनाएं देने के सवाल पर अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मुलाकात की जांच कराई जा रही है। अतीक ने निर्धारित स्थान पर मोहित से मुलाकात की या फिर उसे बैरक में ले जाया गया। लापरवाही उजागर होने पर संबंधित जेलकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जेल में पड़ताल के साथ अतीक से पूछताछ
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की टीम न्यायालय से इजाजत लेकर देवरिया जेल में पड़ताल करेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अतीक अहमद का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी।