नानपारा (बहराइच)। बारावफात जुलूस के रास्ते के विवाद को लेकर अराजक तत्वों ने गुरगुट्टा गांव व कई मजरों में जमकर उत्पात मचाया। घरों व दुकानों में लूटपाट कर फायरिंग की व लोगों को पीटा। धारदार हथियारों से दहशत फैलाई। महिलाओं से अभद्रता करते हुए उपद्रवियों ने 40 मकान व 24 दुकानों को निशाना बनाया। हमले में घायल नौ लोगों को सीएचसी पहुंचाया गया है। एसपी ने ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। 14 पीड़ितों की तहरीर पर 33 नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गांव में सीआरपीएफ और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत गुरगुट्टा गांव में शनिवार सुबह बारावफात का जुलूस निकला। जुलूस को परंपरागत रास्ते से होते हुए बाबा कुट्टी से मुड़कर ललकपुरवा में समाप्त होना था। लेकिन जुलूस बाबा कुट्टी तिराहे से सीधा एक धर्मस्थल की ओर चला गया। यहां पर दूसरे समुदाय के लोगों ने जुलूस के रास्ते का विरोध किया। इस पर नंगी तलवारें लिए अराजकतत्वों ने ग्रामीणों को दौड़ा लिया। इसके बाद अराजक तत्वों ने लोगों के घरों और दुकानों के दरवाजे तोड़कर लूटपाट शुरू कर दी। कट्टे से चार चक्र फायरिंग भी की गई। घरों में घुस महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए जमकर लूटपाट की। गांव निवासी घनश्याम के बेटे का गौना रात में आया था। घर पर बहू के अलावा रिश्तेदार ठहरे हुए थे। यहां उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। वाहनों को क्षतिग्रस्त कर बाइकें लूट लीं। नकदी और जेवरात भी लूटे। 40 ग्रामीणों के मकान और 24 दुकानें उपद्रवियों का निशाना बनीं। ड्यूटी पर तैनात सिपाही राघवेंद्र कुमार व विनोद अराजक तत्वों को समझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन हालात को संभाल नहीं सके। सिपाहियों ने कोतवाली पर सूचना दी। लेकिन पुलिस दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक उपद्रवी तोड़फोड़ और लूटपाट कर मौके से जा चुके थे।
इस हमले में गांव निवासी गोविंद प्रसाद, धनीराम, शोभाराम, कलावती, जुमई, अब्बास अली, शमशुद्दीन, अब्दुल हकीम और बनवारी घायल हुए हैं। इन सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया है। दोपहर बाद जिलाधिकारी अजयदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक जुगुल किशोर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीआरपीएफ और पीएसी बुलाने के बाद हालात काबू में आ सके। गांव में अघोषित कर्फ्यू का माहौल है। पुलिस अधीक्षक जुगुल किशोर ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जुलूस के साथ चल रहे सिपाही राघवेंद्र और विनोद को निलंबित कर दिया गया है। जबकि प्रभारी निरीक्षक जेएन शुक्ला को चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि जमुना प्रसाद समेत 14 पीड़ितों की तहरीर पर 33 नामजद व सात अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। 18 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इनके मकान और दुकानों को उपद्रवियों ने बनाया निशाना
गुरगुट्टा निवासी संपत की कपड़े की दुकान, आशाराम की परचून की दुकान, प्रह्लाद का होटल, राजकुमार की किराना दुकान, विनोद कुमार, कमल, घसीटे, बनवारी, रामसूरत की दुकानों के साथ ही विनोद कुमार के मोबाइल शॉप पर उत्पात मचाया। सबसे अधिक नुकसान विनोद का हुआ है। यहां मोबाइल रूम के साथ शोरूम भी स्थापित है। यहां से उपद्रवियों ने 10 लाख के मोबाइल सेट, 90 हजार रुपये नकदी, लैपटॉप लूट लिया। 24 दुकानें निशाना बनी हैं। इसके अलावा सांवल प्रसाद, फूलमता, आशाराम, जमुना प्रसाद, बल्लू, देवी प्रसाद, भानीराम, गोविंद, धनीराम, शोभाराम, कलावती, बनवारी समेत 40 ग्रामीणों के मकानों में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए लूटपाट हुई है।
अफसरों को सात किलोमीटर की दूरी तय करने में लगे दो घंटे
कोतवाली नानपारा से गुरगुट्टा गांव की दूरी महज सात किलोमीटर है। सिपाहियों के सूचना देने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गांव पहुंचने में दो घंटे का समय लग गया। इस दौरान आराम से उपद्रवियों ने उत्पात मचाते हुए लूटपाट की।