गोंडा। परसपुर ब्लॉक की 68 ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिव 12.48 करोड़ रुपये डकार गए। ऑडिट टीम ने डीपीआरओ को भेजी रिपोर्ट में हजम की गई रकम की ब्याज समेत रिकवरी के लिए कहा है। उधर, डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस बीच बुधवार को मंडलायुक्त ने समीक्षा के दौरान ऑडिट पर कार्रवाई की जानकारी मांगी। कहा जा रहा है कि पंचायत चुनाव की आहट को देखते हुए बजट में गोलमाल किया गया। बजट खर्च करने की जल्दबाजी में प्रधान व पंचायत सचिव ने मिलीभगत कर आवंटित धनराशि का एक बड़ा हिस्सा खुद हड़प लिया। कागजों पर खर्च दिखा दिया गया।
परसपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसपुर में वित्तीय वर्ष 2019-20 में विकास कार्यों के लिए 1.21 करोड रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी। ग्राम पंचायत में विकास कार्य के नाम पर 82.59 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया। जांच में पाया गया कि जिन कार्यों के नाम पर पैसे निकाले गए हैं उनमें से अधिकतर जमीन पर नहीं नजर आए।
इन मदों में निकाली गई रकम
जांच के दौरान परसपुर पसका मुख्य मार्ग से खड़ंजा निर्माण के नाम पर 1.66 लाख, इंटरलॉकिंग कार्य पर पांच लाख, हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 1.50 लाख, चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय के नाम पर 3.95 लाख व नाली निर्माण के नाम पर करीब दो लाख रुपये समेत 75 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है।
वहीं खरगूपुर में 59 लाख आवंटित किए गए थे। लेकिन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मिलीभगत कर 49.27 लाख रुपये डकार लिए। ऑडिट टीम की पड़ताल में जिन कार्यों के नाम पर पैसे निकाले जाने का खुलासा हुआ है। उनमें नाली में ह्यूम पाइप डालने के नाम पर तीन लाख 86 हजार, डिडिसिया कला बॉर्डर से राम कुमार के घर तक इंटरलॉकिंग के नाम पर 2 लाख 57 हजार, प्राथमिक विद्यालय में इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर 49 हजार, खड़ंजा मरम्मत के नाम पर 77 हजार, शंभूपुरवा में स्वामी शरण के घर से राम मनोहर के घर तक इंटरलॉकिंग के नाम पर 33 हजार, सतीश के घर से रामसागर के घर तक इंटरलॉकिंग के नाम पर 2.38 लाख, अमर सिंह के घर से पीडब्ल्यूडी सड़क तक 1.27 लाख, ढोंगवा में सड़क के नाम पर 1.56 लाख, प्राथमिक विद्यालय पांडेपुरवा में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के नाम पर 3.45 लाख, पूर्व माध्यमिक विद्यालय खरगूपुर में मिट्टी पटाई के नाम पर किसान कंस्ट्रक्शन को 1.89 लाख का भुगतान व हैंडपंप मरम्मत के नाम पर दिनेश ट्रेडर्स को 1.67 लाख का भुगतान शामिल है। इसी तरह नकहा स्कूल में मरम्मत के नाम पर 1.17 लाख व जुलाई महीने में तालाब में पानी भरवाने के नाम पर 1.04 लाख निकाल लिए गए।
ऑडिट टीम ने कार्यों के अभिलेख तलब किए तो प्रधान व सचिव कोई भी कागज नहीं दे सके। वहीं पसका पंचायत को विकास कार्यों के लिए 1.09 करोड़ रुपये मिले थे। यहां भी किसी भी काम का कोई अभिलेख नहीं दिया गया। ऑडिट टीम ने यहां 82.40 लाख का घोटाला पकड़ा है।
आपत्तियों का निरस्तारण जारी
संबंधित ग्राम पंचायतों ने ऑडिट टीम को अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए हैं। आपत्तियों का निस्तारण कराया जा रहा है।
लालजी दूबे, जिला पंचायत राज अधिकारी