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माफिया अतीक अहमद के गुर्गों के मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में

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लखनऊ। प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर लखनऊ से देवरिया जेल ले जाने के बाद उसके साथ मारपीट करने और जबरन संपत्ति अपने नाम करवाने के मामले में गिरफ्तार किए गए माफिया अतीक अहमद के गुर्गे मो. हमजा और मो. आमिर कुरैशी के मामले को सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय को सौंप दिया गया है। सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने आरोपी की फाइल को सत्र अदालत के सुपुर्द करने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की है। आरोपियो को अगली तारीख पर सत्र न्यायाधीश के सामने पेश करने का आदेश दिया गया है।
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मालूम हो कि इस मामले में मोहम्मद आमिर कुरैशी चार मई से जबकि मोहम्मद हमजा अंसारी एक जुलाई से जेल में बंद हैं। सीबीआई ने इस मामले में विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने 14 दिसम्बर 2021 को संज्ञान लिया था और शुक्रवार को अभियोजन प्रपत्रों की नकल देने के साथ ही आरोपियों को शुक्रवार को जेल से तलब किया। पत्रावली के अनुसार, 28 दिसंबर 2018 को कारोबारी मोहित जायसवाल ने कृष्णानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद ने अपने गुर्गों के जरिये गोमती नगर स्थित ऑफिस से उसका अपहरण करवा लिया।
कहा गया कि अतीक ने जेल में उसके साथ मारपीट की और उससे सादे कागज पर दस्तखत करने कहा। जब उसने इनकार किया तब अतीक अहमद, उसके बेटे उमर और गुफरान फारुख, गुलाम और इरफान ने मिलकर उसे बुरी तरह से तमंचे व लोहे की रॉड और पट्टे से पीटा। रिपोर्ट में यह भी आरोप है कि इन सभी लोगों ने जबरन मोहित जायसवाल से स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर बनवा लिए और 45 करोड़ की संपत्ति अपने नाम करा ली।
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पत्रावली के अनुसार, घटना की शुरुआती विवेचना कृष्णानगर पुलिस ने की। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश 30 अप्रैल 2019 को दिया था। सीबीआई ने 12 जून 2019 को मामले की विवेचना शुरू की थी। इस मामले में अतीक अहमद और अन्य लोगों का मामला सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया जा चुका है।
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