परीक्षा देने गए बीटेक छात्र शैलेंद्र की हत्या के मामले में गुडंबा पुलिस की लचर विवेचना और आरोपी को क्लीनचिट देने वाली फाइनल रिपोर्ट पर कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। एससी-एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने फाइनल रिपोर्ट को खारिज करते हुए 30 दिन में अग्रिम विवेचना किसी अन्य थाने से कराते हुए रिपोर्ट देने का आदेश पुलिस कमिश्नर को दिया है।
गुडंबा पुलिस की फाइनल रिपोर्ट में विवेचना में बरती गईं ढिलाई से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। हत्या जैसे गंभीर अपराध की जांच के दौरान विवेचक ने आरोपी और उसके घनिष्ठ मित्रों की कॉल डिटेल और यूनिवर्सिटी गेट पर लगे कैमरे की फुटेज तक लेना मुनासिब नहीं समझा।
इतना ही नहीं छात्र के शरीर पर आई चोटों के संबंध में भी विवेचक की तरफ से कोई भी खास पड़ताल नहीं हुई। इस मामले में छात्र की मां लक्ष्मी ने 27 मई 2019 को गुडंबा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया कि उसका बेटा शैलेंद्र उर्फ शालू 23 मई को महर्षि यूनिवर्सिटी में आयोजित बीटेक की परीक्षा देने गया था। शाम को पुलिस ने बताया कि शैलेंद्र की हत्या हो गई है।
मौके पर पहुंचने पर पता चला कि अंशिका नाम की लड़की उनके बेटे के साथ थी और उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कराई है। पुलिस ने विवेचना के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसे चुनौती देते हुए कोर्ट में अर्जी दी गई थी।