लखनऊ। चिनहट स्थित एक निजी स्कूल के सभागार में सोमवार को उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की ओर से संस्कृत नाटक भ्रष्टाचारम् का मंचन हुआ। इसमें संदेश दिया गया कि नेता का भ्रष्ट आचरण योग्य और बेरोजगार युवाओं के लिए घातक हो सकता है। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विवि के प्राचार्य प्रो. पवन कुमार, शिक्षाविद् राजेश कुमार, ऊषा यादव व अन्य मौजूद रहे।