लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराए गए कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद शनिवार से इमरजेंसी का संचालन रोक दिया गया था। रविवार को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। इस कारण करीब 12 घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं बंद रहीं। 14 घंटे बाद परिवारीजनों को शव सौंप दिया गया। इस दौरान इमरजेंसी में भर्ती के लिए आने वाले मरीजों को वापस कर दिया गया। वह भर्ती के लिए एक से दूसरे अस्पताल का चक्कर लगाते रहे। अफसरों का कहना है कि इमरजेंसी को सैनिटाइज करके देर रात ही इमरजेंसी शुरू करा दी गई थी। इंदिरा नगर निवासी डीपी सक्सेना (54) स्वास्थ्य भवन में ड्राइवर थे। उन्हें शनिवार दोपहर बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। देर शाम उनकी मौत हो गई। उन्हें कोरोना संदिग्ध मानते हुए नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। वहीं इमरजेंसी संचालन पर रोक लगने के बाद यहां आने वाले मरीजों को गेट से ही सिविल अस्पताल भेजा जाने लगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु का कहना है कि इमरजेंसी को सैनिटाइज करने के बाद देर रात ही शुरू कर दिया गया थl