लखनऊ। कोरोना मरीजों से मनमाना शुल्क वसूले जाने की शिकायतों पर प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा है कि शासन से तय शुल्क से ज्यादा वसूलने वाले अस्पतालों पर विधिक कार्रवाई होगी। उन्होंने निजी अस्पतालों को आदेश दिया है कि वे अपने यहां इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों से आरटीपीसीआर व आईएल-6 टेस्ट के अतिरिक्त शासन से तय धनराशि ही वसूल करें। उनके अनुसार एनएबीएच व नॉन एनएबीएच अस्पतालों के लिए तय शुल्क इस प्रकार है।
नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच)
- सामान्य संक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन सुविधा सहित - 10,000 रुपये रोजाना, पीपीई किट के 1200 अतिरिक्त
- गंभीर संक्रमित मरीजों के लिए आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सुविधा सहित- 15000 रुपये रोजाना, पीपीई किट के 1200 अतिरिक्त
- अति गंभीर संक्रमित मरीजों के लिए आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर सुविधा सहित- 18000 रुपये रोजाना, पीपीई किट के 1200 अतिरिक्त
नॉन नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (नॉन एनएबीएच)
- सामान्य संक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन सुविधा सहित - 8000 रुपये रोजाना, पीपीई किट के 1200 अतिरिक्त
- गंभीर संक्रमित रोगियों के लिए आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सुविधा सहित- 13000 रुपये रोजाना, पीपीई किट के 1200 अतिरिक्त
- अति गंभीर संक्रमित मरीजों के लिए आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर सुविधा सहित- 15000 रुपये रोजाना, पीपीई किट के 1200 अतिरिक्त