सीतापुर रोड स्थित एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सहकार भारती के दो दिवसीय अ
लखनऊ। राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोज कांत ने कहा कि सबको एक साथ रखना, साथ रहना, साथ कार्य करना और सबको अपना मानकर चलना ही सहकारिता है। सहकारिता पूंजी के न्यायसंगत वितरण की समस्या का समाधान कर सकती है। इससे नए उद्यम स्थापित होंगे और समाज आत्मनिर्भर बनेगा। वह सोमवार को सीतापुर रोड स्थित एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सहकार भारती के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारिता से समाज में अनुशासन और भारतीयता के भाव मजबूत होंगे। प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने बताया कि अभ्यास वर्ग में सहकारिता का इतिहास, प्रकोष्ठ कार्य, सहकारी समितियों का गठन और संगठनात्मक विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। राष्ट्रीय प्रमुख पैक्स प्रकोष्ठ राजदत्त पांडेय ने भारतीय संस्कृति में सहकारिता की पुरानी परंपरा पर प्रकाश डाला। प्रदेश संपर्क प्रमुख अशोक कुमार शुक्ला ने स्वावलंबी भारत अभियान के तहत छोटे उद्योग स्थापित करने और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
सीतापुर रोड स्थित एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सहकार भारती के दो दिवसीय अ