लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एकेटीयू के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से कहा कि गोल्ड या कांस्य मेडल से फर्क नहीं पड़ता है। आपका आचार-विचार, आपकी सोच ज्यादा मायने रखती है और इसी से आप पहचाने जाते हैं। उन्होंने मेधावियों को मेडल व डिग्री बांटने के बाद कहा कि वे सच बोलने का संकल्प लें। एक झूठ को सच साबित करने में कई बार झूठ बोलना पड़ता है जो आपका जीवन बर्बाद कर देगा। सच की हमेशा जीत होती है। सच बोलना ही आपकी डिग्री है।
दीक्षांत समारोह में केआईईटी गाजियाबाद के रोहन खुराना को चांसलर मेडल समेत 101 मेधावियों को मेडल और 48,343 को डिग्री दी गईं। 81 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गई। कार्यक्रम में शामिल न होने वाले विद्यार्थियों को आईआईटी कानपुर के सहयोग से ब्लॉकचेन तकनीकी से डिग्री दी गई जिसकी राज्यपाल ने शुरुआत की। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि आपने कड़ी मेहनत से डिग्री पाई है लेकिन आप चाहे जिस पद पर हों, अपने माता-पिता को कभी न भूलें। उनके बुढ़ापे में सहारा बनें। कहा, मैं वृद्धाश्रम जाती हूं तो सोचती हूं कि इनके बच्चों को भला कैसी शिक्षा मिली है?
राज्यपाल ने कहा, पिछले दिनों एलएंडटी के लोग आए थे।
उनका कहना था कि बड़े प्रोजेक्ट के लिए काम करने वाले ट्रेंड युवाओं की कमी है। मैंने उनसे छात्राें को उनकी जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग देने और प्लेसमेंट के लिए कहा है। उन्होंने 87 नए कोर्स तैयार किए हैं। विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों को भी आज की जरूरतों के अनुसार तैयार करने की जरूरत है। हमें ऐसी कंपनियों से एमओयू करना चाहिए। इससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि जायडस लाइफ साइंसेज के अध्यक्ष पंकज पटेल को डीएससी की मानद उपाधि प्रदान की गई। समारोह में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा सुभाष चंद्र शर्मा, कुलपति प्रो. पीके मिश्रा, प्रति कुलपति प्रो. मनीष गौड़, रजिस्ट्रार सचिन सिंह आदि मौजूद रहे।
मां और दादी के रूप में दी सीख
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों से कहा कि दोस्ती के मामले में भी लड़कियों से सच बोलें। उन्हें अपने बारे में, घर, परिवार के बारे में सच बता दें, बाकी फैसला लड़कियों को करने दें। वहीं छात्राओं को भी सीख दी कि झांसे और दिखावे में न आएं। दिल की आवाज सुनें, सौ सवाल करें और तभी कोई निर्णय लें क्योंकि एक मां के रूप में, एक दादी के रूप में, मेरा यह कर्तव्य है कि आपको सही चीज की जानकारी दूं।
आईजी रेंज को नारी शक्ति पुरस्कार
राज्यपाल व अतिथियों ने आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह को उनके विशिष्ट योगदान के लिए नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किया। वहीं, अभय कुमार सिंह को विशिष्ट युवा पूर्व छात्र पुरस्कार दिया गया। उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए पूर्व छात्र दिलीप गुप्ता को भी पूर्व छात्र पुरस्कार दिया गया। हालांकि वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
नौकरी पाने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें : पंकज पटेल
लखनऊ। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि जायडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन व आईआईएम अहमदाबाद और उदयपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के सदस्य पंकज आर पटेल ने कहा कि मैंने सुना था कि उत्तर प्रदेश के छात्र सिर्फ नौकरी के बारे में ही सोचते हैं। आप खुद नौकरी देने वाले क्याें नहीं बनते हैं। इससे न सिर्फउत्तर प्रदेश बल्कि देश का भी विकास होगा। इसके लिए स्पष्ट दृष्टि की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आपके अंदर जो क्षमता नहीं है, उसे सीखें। उद्यमिता और नवाचार के प्रति भी जागरूक हों। पंकज पटेल ने कहा कि आप चाहे जहां जाएं, जो भी बनें लेकिन अपने संस्थान व शिक्षकों से जुड़े रहें। यही सही दिशा दिखाएंगे। हमारे लिए हमारी संस्कृति, मूल्य बेहद जरूरी और मजबूत हैं। इससे जुड़कर भी हम बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को लक्ष्य बनाकर उन पर रणनीतिक तरीके से चलना होगा। यह समय कुछ नया करने का है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को कोट करते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी में एक जैसा टैलेंट नहीं है। किंतु हमें अपना टैलेंट विकसित करने के लिए समान अवसर मिल रहे हैं। इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि युवा अगर ठान लें तो बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। किंतु यह तभी संभव है, जब आप कड़ी मेहनत करें।
डॉ. कलाम के नाम-सम्मान की सुरक्षा करें : आशीष पटेल
दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि एकेटीयू से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपेक्षा है। इसके लिए छात्र भी सुझाव दें। यह विवि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर है, हम उनके नाम और सम्मान की सुरक्षा करें। उन्होंने छात्रों से भी कहा कि डिग्री पाने के बाद आप समाज के दायित्व को भी पूरा करें।
नैक में अच्छी ग्रेडिंग का लक्ष्य : प्रो. पीके मिश्रा
कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने बताया कि विवि सत्र 2022-23 से बीटेक में मेजर के साथ माइनर डिग्री भी देने जा रहा है। वहीं बीटेक ऑनर्स के साथ बीवोक व सामान्य बीटेक करने का विकल्प भी। डीन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की तैनाती कर रोजगार देने को गति दी गई गई है। जबकि इनोवेशन व इंक्यूबेशन सेंटर से स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहे हैं। कई इंडस्ट्री से एमओयू किया है और कैंपस में भी एमबीए-एमफार्मा की पढ़ाई शुरू की है। नैक की तैयारी है। हम इसमें भी अच्छी ग्रेडिंग लाएंगे।
जल संरक्षण व विद्यादान का दिया संदेश
समारोह की औपचारिक शुरूआत कलश में जल भरकर जल संरक्षण का संदेश देकर की गई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अनाथालय के बच्चों और अन्य गरीब बच्चों को बैग देकर पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में किताब भेंट की।