लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रसव के बाद महिला व नवजात की देखभाल और रोजमर्रा के कामकाम से संबंधित अन्य पाठ्यक्रमों का संचालन करना चाहिए। राज्यपाल मंगलवार को दुबग्गा स्थित एरा विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। इस मौके पर उन्होंने 50 मेधावियों को पदक और 500 से ज्यादा को डिग्रियां प्रदान कीं।
राज्यपाल ने कहा कि गर्भावस्था व प्रसव के बाद की देखभाल के लिए तीन माह का सर्टिफिकेट कोर्स होना चाहिए। विद्यार्थियों को भी इसके बारे में पता होना चाहिए कि इस समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इससे गर्भवती के साथ प्रसूता व शिशु का जीवन सुरक्षित होगा। गर्भवती महिला को पोषण व शिशु की देखभाल के लिए सरकार की ओर से पांच हजार रुपये मिलते हैं मगर उसके सही इस्तेमाल के बारे में उसे पता नहीं होता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मोटे अनाज का सेवन कर बीमारियों से बचने की सलाह दी। उन्होंने विवि में बने हैप्पीनेस विभाग और पर्सनलाइज्ड मेडिसिन एंड मॉलेक्युलर की प्रशंसा की। उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा मिशन है। इसे इसी रूप में लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सामान्य शिक्षा के साथ ही विद्यार्थियों को मानवीय संवेदनाओं का पाठ भी पढ़ाएं।
स्वास्थ्य अब राजनैतिक एजेंडा
महानिदेशक एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर इन इंडिया डॉ. गिरधर ज्ञानी ने कहा कि दस साल पहले हेल्थ राजनीतिक एजेंडा नहीं था, लेकिन अब समय बदल गया है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री खुद स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। इससे इसके महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में जब एनएबीएच शुरू हुआ तो चिकित्सा संस्थान मानते थे कि उस स्तर तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा मगर ऐसा नहीं है। गुजरात के 29 सरकारी अस्पतालों ने सबसे पहले एनएबीएच प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। उत्तर प्रदेश में भी डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने पहले सरकारी संस्थान के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
पांच साल में तय की सफलता की राह
विवि के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेहंदी ने बताया कि वर्ष 2016 में एरा यूनिवर्सिटी की शुरुआत हुई थी। यहां कमजोर वर्ग के लिए एक अस्पताल चलता है, जहां बेहद कम खर्च में उच्च श्रेणी का इलाज दिया जाता है। कोविड काल में चार हजार से अधिक मरीजों का सफल इलाज किया गया। एरा में हाई क्वालिटी चिकित्सा उपकरण, कैथलैब, थ्रीडी एनीमेशन व गेम जैसी कई सुविधाएं हैं।
राज्यपाल की पहल पर गोद ली बच्ची
समारोह के दौरान राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सरकारी स्कूल के बच्चों को भी पुरस्कृत किया। इस दौरान बेहद कमजोर दिख रही एक बच्ची से उन्होंने बात की। बच्ची के बारे में जब उन्होंने मंच से चर्चा की तो विवि के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेहंदी ने उसे तुरंत ही गोद लेकर पूरा इलाज करने की घोषणा की।
कैंसर पीड़ित प्रणव को मिले सबसे अधिक 16 मेडल, मरीजों की सेवा का लिया संकल्प
लखनऊ। एरा विवि के दीक्षांत समारोह में सबसे ज्यादा 16 मेडल पाने वाले प्रणव टंडन ने कैंसर का असहनीय दर्द सहा है। इलाज के बाद उन्होंने अब कैंसर पीड़ित मरीजों की सेवा का संकल्प लिया है।
प्रणव ने बताया कि इलाज के बाद मुझे राहत मिल गई, पर अब बारी मेरी है। प्रणव वर्ष 2015 में खुद ल्यूकोमिया (कैंसर) से पीड़ित थे। इलाज के दौरान ही उन्होंने अगले साल एमबीबीएस में दाखिला लिया। उनके पिता प्रवीन टण्डन फिजिशियन और मां शालिनी टण्डन बाल रोग विशेषज्ञ हैं। एमबीबीएस करने के बाद जब पीजी पाठ्यक्रम चुनने की बारी आई तो प्रणव ने मां और पिता का क्षेत्र चुनने के बजाय एनेस्थीसिया का चयन किया।
प्रणव ने बताया कि क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में जाकर मरीजों को कैंसर की पीड़ा से मुक्त कराना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। इसलिए पढ़ाई के दौरान कभी भी डॉक्टर की डिग्री अपने लिए हासिल करने की कोशिश नहीं की। हर समय दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी कि मैं किस तरह रोगियों का इलाज कर सकूं या उनके दर्द को कम कर सकूं। कैंसर मरीजों को दर्द से बचाने के लिए पैलेटिव केयर ही एकमात्र रास्ता बचता है। एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में ही इनका दर्द कम किया जा सकता है। एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद इस समय प्रणव ने टाटा मेमोरियल अस्पताल में एमडी एनेस्थीसिया में दाखिला ले लिया है।
इनको मिले पदक-
प्रणव टंडन, फरहत सिद्दीकी, राधिका मिश्रा, अरिबा अजीज, फलक हैदर, डॉ. अवध कपूर, डॉ. हुमा शमीम, डॉ. शोआदाशी सक्सेना, तान्या त्रिपाठी, सैफ मलिक, शबीहा फातिमा, रक्षित त्रिपाठी, इंशा खान सूरी, डॉ. गजाला अफरीन, डॉ. खालिदा जिया उस्मानी, डॉ. मयंका सिंह, डॉ. नाजिया खान, डॉ. पल्लव सिंघल, डॉ. रोहित सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. सुप्रिया सिंह, नेहा मार्टिन, लक्ष्मी सोनी, समीक्षा सिंह, दीपिका सोनी, प्रिया मिश्रा, वैशाली सिंह, अंजनी गुप्ता, भावना कौशल, हकीमा बानू, रजनीश मिश्रा, खुशी कुमारी, उन्नति झा, अंकिता पाल, सैय्यद कायनात फातिमा, इल्मा फातिमा, शिवांगी रस्तोगी, नलिनी तिवारी, फौजिया फसीह खान, कशिश खान, फजला लईक खान, महविश अकील अंसारी, प्रशांत पाल, अलाइना सिद्दीकी, सुमैया खान, खूशबू भाटिया, आम्ना अब्बास, कृतिका द्विवेदी, साफिया खान और ऐयाज अहमद बहर।
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