Convicted of misconduct with a minor life imprisonment
नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुराचार करने वाले ननकू को एससी-एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जगन्नाथ मिश्रा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने उसपर 35 हजार रुपये का दंड भी लगाया है। जुर्माने की आधी राशि 17500 रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने काकोरी थाने में दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया था कि गांव के ननकू, उसकी मां और भाई बबलू 13 दिसंबर 2001 को उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गए थे।
इस दौरान गांव के गजोधर की पत्नी और कालिका प्रत्यक्षदर्शी थे। विवेचना के बाद पुलिस ने ननकू एवं उसकी मां फूलमती के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। फूलमती की मृत्यु हो जाने पर उसका मामला अलग किया गया था।