महराजगंज (रायबरेली)। लखनऊ नगर निगम के संविदाकर्मी भगवान दास उर्फ बबलू की हत्या की गई थी। उसका शव मंगलवार को पुलिस ने अमेठी के मोहनगंज क्षेत्र की नहर से बरामद कर लिया। वह 13 दिनों से लापता था। जांच में पता चला है कि संविदाकर्मी की प्रेमिका ने अपने पति की फोटो सोशल मीडिया पर डाल दी थी।
इस वजह से संविदाकर्मी नाराज था। विरोध किया तो प्रेमिका पूनम ने अपने घरवालों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को नहर में फेंक दिया गया। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मामले में प्रेमिका समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पांचों आरोपी हिरासत में हैं। पूछताछ की जा रही है।
मूलरूप से बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के खेरवा मजरे सराय गांव निवासी भगवान दास उर्फ बबलू (25) मौजूदा समय लखनऊ जिले के गोमती नगर स्थित बड़ी जुगौली में रहता था। वह नगर निगम में संविदा पर चालक था। आठ फरवरी को वह संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गया था। गोमती नगर थाने में बबलू की गुमशुदगी दर्ज की गई थी।
जांच में संविदाकर्मी की लोकेशन महराजगंज क्षेत्र में पाई गई थी। गोमती नगर पुलिस ने यहां पहुंचकर स्थानीय पुुलिस की मदद से पड़ताल की। इस दौरान पुलिस ने महराजगंज के ठाकरपुर गांव निवासी छेद्दू पासी के घर से संविदाकर्मी बाइक और उसका मोबाइल बरामद कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने संविदाकर्मी के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) निकलवाई। इससे पता चला कि संविदाकर्मी छेद्दू की बेटी पूनम से घंटों बात करता है। सख्ती से पूछताछ के बाद पूनम ने भगवान दास के 8 फरवरी को घर आने की बात स्वीकार कर ली। पूनम ने पुलिस को बताया कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया था। इस पर उन लोगों ने उसे नहर में फेंक दिया था।
पूछताछ के बाद मंगलवार को महराजगंज कोतवाल श्याम कुमार पाल ने गोताखोरों की मदद से नहर कोठी मऊ स्थित शारदा सहायक नहर को खंगाला। इस दौरान अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे बिंधादीवान मजरे चिनगाही गांव के पास जौनपुर ब्रांच से संविदाकर्मी का शव बरामद कर लिया गया। कोतवाल ने बताया कि शव बरामद होने के बाद प्रेमिका पूनम, उसके पिता छेद्दू समेत चार घरवालों को हिरासत में लिया गया है।
सख्ती से पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल लिया। जांच में पता चला है कि संविदाकर्मी का छेद्दू पासी की विवाहित पुत्री पूनम से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। वह पूनम से मिलने उसके घर आया था, तभी से लापता था। कोतवाल के मुताबिक पूनम इधर कुछ दिनों से अपने पति हरकरन की फोटो सोशल मीडिया पर डाल रही थी। इस बात से संविदाकर्मी नाराज था। उसने फटकार भी लगाई थी। इस वजह से संविदाकर्मी के कत्ल होने की वजह सामने आ रही है। हालांकि घटना को कैसे अंजाम दिया गया, इस बारे में प्रेमिका और उसके घरवालों से पूछताछ की जा रही है।
ससुराल में बढ़ा मेलजोल
कोतवाल ने बताया कि पूनम का विवाह करीब 3 साल पहले बाराबंकी के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खेरवा मजरे सराय निवासी हरकरन रावत से हुआ था। लापता संविदाकर्मी प्रेमिका के पति हरकरन का पड़ोसी था। विवाह के बाद ससुराल में ही पूनम की उससे नजदीकियां बढ़ गईं। इस मेलजोल के कारण पूनम के वैवाहिक जीवन में तनाव आ गया था। इस वजह से वह अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। बताया कि भगवानदास पूनम से मिलने अक्सर उसके मायके जाता था। घटना वाले दिन भी वह पूनम से मिलने आया हुआ था।
इलाज पर खर्च किए पैसे वापस मांगने पर रची साजिश
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि संविदाकर्मी की हत्या के मामले में प्रेमिका पूनम समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एसपी के मुताबिक दो माह पहले प्रेमिका पूनम की अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। प्रसव कराने और खानपान पर प्रेमिका पर करीब तीन लाख रुपये खर्च किया था। इस बीच पूनम अपने पति हरकरन का फोटो सोशल मीडिया पर डाल रही थी। संविदाकर्मी ने नाराजगी जताई लेकिन वह नहीं मानी। इस पर भगवानदास ने इलाज पर खर्च हुए पैसे मांगने शुरू कर दिए। इस वजह से उसकी हत्या की साजिश रची गई। हत्या कैसे की गई, इस बारे में पूछताछ की जा रही है।
सख्त कार्रवाई होगी
संविदा कर्मी की हत्या के मामले में प्रेमिका पूनम, उसका पिता छेद्दू पासी, भाई धीरज, मां निर्मला और बहन रोशनी के खिलाफ हत्या कर शव को गायब करने का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को पकड़ लिया गया है। बुधवार को सभी जेल भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी। मामले में अभी जांच की जा रही है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आलोक प्रियदर्शी, एसपी