रायबरेली। जिले में स्वीकृत करीब 2300 करोड़ रुपये से विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। इससे लोग जहां फर्राटा भर सकेंगे, वहीं जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के 15 फरवरी के आगमन को लेकर विभागीय अधिकारियों में हलचल बढ़ी है, लेकिन अभी तक केंद्रीय मंत्री के आने का कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं आया है। इससे भाजपाइयों और अधिकारियों में असमंजस की स्थिति है।
रायबरेली-प्रयागराज हाईवे टू लेन को फोरलेन करने का काम चल रहा है। हाईवे पर जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार और प्रतापगढ़ जिले के आलापुर में 29 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। 63 किलोमीटर हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस पूरे कार्य को दिसंबर 2024 तक पूरा कराना है। इसके निर्माण में करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह रतापुर और त्रिपुला में जाम की समस्या को देखते हुए 100 करोड़ रुपये से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।
30 मीटर चौड़े और 800 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज के बनने से दोनों जगह जाम की समस्या से राहत मिलेगी। हाईवे पर सबसे ज्यादा रतापुर और त्रिपुला चौराहे पर जाम लगता है। प्रस्तावित ओवरब्रिज के दायरे में रतापुर, किसुनदासपुर रामचंदर, गोकुलपुर, बरईपुर में करीब 200 अधिक लोगों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। शहर में जाम की समस्या को देखते हुए 1200 करोड़ रुपये से प्रस्तावित रिंग रोड दो का निर्माण होना है। 22 किलोमीटर लंबा यह रिंगरोड 22 गांवों से होकर निकलेगा।
रिंगरोड के बनने से शहर में जाम की समस्या से राहत मिल जाएगी। इससे लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। उधर, एनएचएआई के पीडी आरएस यादव ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के आने का कोई लिखित आदेश नहीं आया है।
केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित
भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी का कहना है कि केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है। उधर, सहायक प्रोटोकाल अधिकारी रामेंद्र मिश्रा का कहना है कि कानपुर, उन्नाव, रायबरेली का 15 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम आया हुआ है। मिनट टू मिनट कार्यक्रम अभी नहीं आया है।