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भाजपा कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर की मौत, दोस्त बोला- रोते हुए घर आया उल्टियां की फिर...

Wed, 30 Oct 2019 05:10 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ में बाजारखाला के अशर्फाबाद टुड़ियागंज निवासी व भाजपा कार्यालय में बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत अंकित सोनकर (23) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव अपने दोस्त समीर के हैदरगंज स्थित फ्लैट में पाया गया। अंकित के होंठ व नाखून काले पड़ चुके थे।

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उसकी मौत जहर से होने की आशंका जताई जा रही है। परिवारीजनों ने अज्ञात दोस्तों पर हत्या का शक जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।अंकित के चाचा नरेश सोनकर ने बताया कि वह सोमवार दोपहर बाइक लेकर घर से निकला था। रात करीब 10 बजे बाजारखाला के भदेवां निवासी ममेरे भाई विशाल के पास किसी युवक का फोन आया।

उसने खुद को अंकित का दोस्त बताया। फोन करने वाले ने कहा कि अंकित अपने दोस्त समीर के हैदरगंज स्थित फ्लैट पर है और उसकी हालत बहुत खराब है। विशाल ने उसके परिवारीजनों को बताया तो हड़कंप मच गया। पिता संतोष सोनकर समेत अन्य परिवारीजन आनन-फानन समीर के फ्लैट पर पहुंचे तो वहां बेड पर अंकित का शव देख मिला। उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

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हत्या का शक जताते हुए दर्ज कराई एफआईआर

प्रतीकात्मक तस्वीर
पुलिस का कहना है कि अंकित का पारा में रहने वाली एक युवती से प्रेम संबंध था। युवती के पिता व मौसा अंकित को अक्सर धमकाते थे। दो दिन पहले युवती के मौसा ने अंकित के साथियों को फोन कर उसके पिता का मोबाइल नंबर भी मांगा था। शायद वह अंकित के पिता से उसकी शिकायत करना चाहते थे।

पुलिस को शक है कि इसी वजह से अंकित ने जहर खा लिया होगा। युवती के मौसा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उधर, नरेश सोनकर ने अंकित के अज्ञात दोस्तों पर हत्या का शक जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। परिवारीजनों ने इलाकाई लोगों के साथ सुन्नी इंटर कॉलेज के पास सड़क पर जाम लगाकर हंगामा भी किया।
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मां की 13 महीने पहले हो चुकी है मौत

अंकित सोनकर अपने माता-पिता का एकलौता बेटा था। उसने बीसीए किया था। आठ महीने पहले ही भाजपा कार्यालय में बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर उसकी नौकरी लगी थी। करीब 13 महीने पहले उसकी मां गुड्डी देवी की मौत हो गई थी। संतोष ने कहा कि बेटा ही एकलौता सहारा बचा था।

समीर का कहना है कि अंकित सोमवार शाम उसके फ्लैट पर आया था। उस वक्त फ्लैट में दो दोस्त और भी थे। अंकित काफी रो रहा था। वजह पूछने पर उसने कुछ भी नहीं बताया। उसने उल्टियां कीं। तबियत खराब होने की आशंका से उसे चाय बनाकर पिलाई गई। चाय पीने के कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया।

इसी बीच दोस्तों ने उसके ममेरे भाई विशाल को फोन कर सूचना दी। हालांकि, जब तक परिवारीजन वहां पहुंचते, अंकित की मौत हो चुकी थी। अंकित के परिवारीजनों का कहना है कि समीर के अलावा फ्लैट में दो अन्य लोग कौन थे? पुलिस को उनका पता लगाना चाहिए। हो सकता है कि समीर ने उन्हीं दोनों के साथ अंकित की हत्या की साजिश रची हो।
 
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