फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: विदेश जाने के लिए अब नहीं करनी पड़ेगी भाग-दौड़, 12 देशों के लिए लखनऊ से ही मिल जाएगा वीजा

Sun, 05 Feb 2023 04:16 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

वीजा एप्लिकेशन सेंटर के उद्घाटन के साथ ही नौ फरवरी से यहां ऑस्ट्रेलिया, चेक गणराज्य, पुर्तगाल, स्विजरलैंड, नीदरलैंड, क्रोएशिया, इटली, सऊदी अरब, हंगरी, जर्मनी सहित कई देशों की वीजा एप्लिकेशन स्वीकार होनी शुरू हो जाएंगी।
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी जीआईएस-23 से पहले शनिवार को प्रदेशवासियों को एक बड़ी सौगात दी है। ऐसे में अब प्रदेशवासियों को वीजा के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। वह अपने ही प्रदेश में वीजा के लिए अप्लाई कर सकेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने आवास 5, कालिदास मार्ग पर वीएफएस ग्लोबल वीजा एप्लिकेशन सेंटर का उद्धाटन किया। इसी के साथ यहां से ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, पुर्तगाल, स्विजरलैंड, नीदरलैंड, क्रोएशिया, इटली, सऊदी अरब, हंगरी, जर्मनी सहित कई देशों की वीजा एप्लिकेशन स्वीकार होनी शुरू हो जाएंगी।

विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीजा और पासपोर्ट की समस्याओं को दूर किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्धाटन समारोह में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के सप्ताह पूर्व लखनऊ में वीएफएस ग्लोबल सेंटर के उद्धाटन को प्रदेशवासियों के लिए एक अवसर बताया और इसके लिए वीएफएस ग्लोबल के संस्थापक, सीईओ के साथ उनकी टीम को धन्यवाद दिया। सीएम ने कहा कि इस सेंटर के शुरू होने से विभिन्न देशों के लिए वीजा आवेदन करने की एक सरल प्रक्रिया प्रदेशवासियों को मिलने लगेगी। आज के समय में हम तकनीक का उपयोग करके ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ही नहीं बल्कि ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को थोड़े ही प्रयास से प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले नौ वर्षों के दौरान देश के अंदर व्यापक बदलाव लाने का जो कार्य किया है आज उसके परिणाम हम सबके सामने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीजा और पासपोर्ट को लेकर खासतौर पर एक काॅमनमैन को इमरजेंसी के समय उसे जो परेशानियां होती थी उन सब से मुक्ति दिलायी है। पिछले पांच-छह वर्षों के दौरान बहुत सारे ऐसे ऑपरेशन चलाए गए जिसमें किसी आपदा समेत अन्य परिस्थितियों में विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया गया, जिसकी वैश्विक मंच पर काफी सराहना भी हुई।
विज्ञापन

केंद्र हर वर्ष 1 लाख 20 हजार वीजा आवेदनों का करेगा निस्तारण

सीएम ने कहा कि इस तरह की कंपनियां संकट काल में भरोसेमंद सहयोगी के रूप में 'ऑपरेशन राहत - 2015' (वर्ष 2015 में युद्ध से प्रभावित अरब देश यमन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित देश वापसी के लिए संचालित मिशन), 'वन्दे भारत मिशन-2020 (वर्ष 2020 में कोरोना के कारण वैश्विक यात्रा पर लगे प्रतिबन्ध के फलस्वरूप विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए संचालित मिशन), 'ऑपरेशन देवी शक्ति - 2021' (वर्ष 2021 में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल से भारतीय नागरिकों और अफगान सहयोगियों को सुरक्षित भारत लाने के लिए संचालित मिशन) आदि जो मिशन चलाए गए वह वास्तव में संकट के समय अपनों को सहायता पहुंचाने के लिए एक सफलतम कार्यक्रम होते हैं। हाल ही में आपने देखा कि रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध में यूक्रेन में फंसे भारतीय बच्चों को वापस लाने के लिए जो ऑपरेशन भारत सरकार के चले उसमें इस प्रकार की आउटसोर्सिंग कंपनियों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र द्वारा शुरुआत में ऑस्ट्रिया, नीदरलैण्ड्स, चेक रिपब्लिक, स्विट्जरलैण्ड, एस्टोनिया, हंगरी, पुर्तगाल, जर्मनी, इटली तथा सऊदी अरब की यात्रा करने के सम्बन्ध में सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यह केन्द्र प्रतिवर्ष 1 लाख 20 हजार से अधिक वीजा आवेदनों का निस्तारण करने की क्षमता रखता है। मुझे यह बताया गया कि वीएफएस ग्लोबल, इण्डियन होटल्स कम्पनी लिमिटेड के सहयोग से, राज्य सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम के अनुरूप, प्रदेश के युवाओं को अतिथि सत्कार सेवाओं का प्रशिक्षण देगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें