1976 से लगातार आयोजित हो रहे लखनऊ महोत्सव में पहली बार ऐसा हुआ कि उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री नहीं आए।
शाम लगभग साढे़ छह बजे घोषणा की गई कि अपनी व्यस्तता के चलते सीएम अखिलेश यादव यहां नहीं आ सकेंगे।
इस सूचना के बाद पंडाल में एकबारगी निराशा का माहौल बन गया।
समाजवादी पार्टी से जुड़े कई छोटे-बड़े नेता मुख्य पंडाल से निकल गए। अधिकारी रिलैक्स हो गए।
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कुछ देर पहले जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी, वहां अचानक लोग मंच के सामने आराम से टहलने-घूमने लगे। लग ही नहीं रहा था यहां महोत्सव का उद्घाटन बस होने को ही है।
बेगम हजरत महल पार्क, लक्ष्मण मेला स्थल और अब आशियाना के स्मृति उद्यान में महोत्सव का कारवां लंबा सफर तय कर चुका है।
शहर के बुजुर्ग भी याद नहीं कर पा रहे थे कि मुख्यमंत्री कभी उद्घाटन समारोह में न आए हों। उद्घोषिका ने बाकायदा मंच से इस बात की औपचारिक घोषणा की।
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