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लखनऊ: यूट्यूब से कमाई के लालच में लिंक पर किया क्लिक, डाटा हैक, दहशत में आकर कर ली खुदकुशी

Sat, 29 Jul 2023 10:46 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

डायरी बताती है कि हैकर्स ने पीड़ित का डाटा हैक कर रखा था। वे तरह-तरह से उसको प्रताड़ित कर रहे थे। रकम की मांग करते थे। इससे वह बहुत डिप्रेशन में थे।
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Online Fraud - फोटो : istock
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विस्तार
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साइबर अपराधियों की ब्लैकमेलिंग से त्रस्त होकर विकासनगर सेक्टर-3 निवासी पवन गिरि (45) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पवन के कमरे से बरामद डायरी के 51 पन्नों में ब्लैकमेलिंग की पूरी आपबीती दर्ज है। डायरी बताती है कि हैकर्स ने पवन का डाटा हैक कर रखा था। वे तरह-तरह से उसको प्रताड़ित कर रहे थे। रकम की मांग करते थे। इससे पवन बहुत डिप्रेशन में थे। इसलिए उसने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया।

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पत्नी अर्चना व दो बच्चों के साथ पवन विकासनगर सेक्टर-3 में रहते थे। मां भी साथ रहती थीं। शुक्रवार शाम को घर में ही उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। शनिवार को कमरे से पवन की एक डायरी मिली। परिवारीजनों ने इसके बारे में पुलिस को जानकारी दी। डायरी के 51 पन्नों में पवन ने तमाम बातें लिख रखी हैं। हालांकि लिखी गईं बातें बेहद उलझाऊ हैं। फिर भी कुछ पन्नों से खुलासा हुआ कि पवन यूट्यूब के जरिये पैसे कमाने के लिए किसी लिंक पर क्लिक कर दिया था। इससे उसके फोन का पूरा डाटा हैकर्स के पास चला गया था। हैकर्स उसको ब्लैकमेल कर रहे थे। डायरी से पता चलता है कि इस सबसे पवन बेहद परेशान थे। उनको लगता था कि वह बर्बाद हो गए हैं। अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। इसलिए खुदकुशी कर ली।

आशंका है कि हैकर्स मांग रहे थे रकम

डायरी में लिखा है कि मेरे और मेरी पत्नी के पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खातों आदि की जानकारी हैकर्स के पास थी। अब न दोबारा आधार कार्ड बन पाएगा, न पैन कार्ड बनवा पाऊंगा। मोबाइल नंबर से ये सभी कार्ड लिंक हैं, ऐसे में अब न तो नया मोबाइल नंबर ले पाऊंगा और न ही बैंक खाता खुलवा पाऊंगा। सारा पैसा भी चला जाएगा। इन बाताें को इस तरह लिखा गया है जैसे कि पवन बेहद दहशत में हों। आंशका है कि पवन से हैकर्स रकम मांग रहे थे।
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कई जगह लोन का जिक्र, कहीं चीनी एप का खेल तो नहीं

कई जगह पर लोन लेने की बात लिखी है। ऐसे में आशंका है कि पवन कहीं चीनी लोन एप के खेल में तो नहीं फंस गए थे। ये एप लोन देकर ग्राहक को ब्लैकमेल कर वसूली करते हैं। नोट में जो बातें लिखी हैं वो बहुत उलझाऊ हैं। अगर प्रकरण की जांच हो तभी पता चल सकता है कि पवन किस जाल में फंसे थे और किन वजहों से उन्होंने खुदकुशी की। एक जगह ये भी लिखा है कि अश्लील वीडियो व फोटो भेजे जाते हैं। इसको लेकर धमकाया जाता है।

डायरी में आए तथ्यों की जांच की जांच की जा रही है

अभी तक परिवारीजनों की तरफ से कोई लिखित प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है। जो डायरी में लिखा है, उसकी जांच की जा रही है। हर एक पहलू को देखा जाएगा, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - एसएम कासिम आब्दी, डीसीपी नॉर्थ
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एक्सपर्ट के अनुसार ये सावधानी बरतें...

- अनजान लिंक पर कभी भी क्लिक न करें
- अधिक डिस्काउंट, लॉटरी आदि के झांसे में न आएं
- कॉल कर यदि कोई बैंक खाता, आधार व पैन कार्ड संबंधी जानकारी मांगे तो न दें
- अनजान व्हाट्सएप ऑडियो व वीडियो कॉल का जवाब न दें
- सर्च इंजन पर किसी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर खोज कर संपर्क न करें, संबंधित कंपनी की वेबसाइट से जानकारी लें




 

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